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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 73, नवंबर(द्वितीय), 2019

हम से बढ़कर कौन?

राजीव कुमार

महीने की आखिरी तारीख को लेकर तीन महिलाएं आपस में बातें कर रही थी। पहली महिला ने कहा ’’ महीना का अन्तिम तारीख की परेशानी का पता भी नहीं चलता, मेरे पति की उपरी आमदनी जो है। ’’

दूसरी महिला ने कहा ’’ मेरे पति का कमीशन ही इतना आता है कि राशन और छोटे-मोटे खर्चे के लिए सोचना नहीं पड़ता है। ’’

तीसरी महिला की स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नहीं थी, उसने कहा ’’ राशन की कमी तो अब हमारे घर में भी नहीं है क्योंकि सुमन के पापा अब आंगन बा़ड़ी के स्कुल में स्टोरकिपार जो हो गए है। ’’ अपनी बात खत्म कर वो महिला तेज कदमों के साथ वहां से चली गई। दोनों महिला फटी आँखों से उसको जाते देख रही थी।


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