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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 73, नवंबर(द्वितीय), 2019

सैनिक

पवनेश ठकुराठी 'पवन'

वह सेना में सिपाही था। उस पर खूब राजनीति हुई। एक ने कहा- "वह अपने परिवार के लिए सीमा पर तैनात रहता है।"

दूसरे ने कहा- "सैनिक अपने लिए सीमा पर ड्यूटी करता है।"

तीसरे ने कहा- "सैनिक शहीद होने के लिए बना है।"

चौथे ने कहा- "वह इसी योग्य था, इसीलिए सैनिक बना।"

पांचवें ने कहा- "उसके भाग्य में यही लिखा होगा।"

एक दिन वह सिपाही बार्डर पर लड़ते हुए शहीद हो गया। उस दिन सभी ने कहा- "सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहता है।"


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