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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 73, नवंबर(द्वितीय), 2019

शांति

हरदीप सबरवाल

विश्व के सभी देशों में बढ़ती हथियारों की होड़ से तमाम मुल्कों में चिंता होने लगी, सभी देशों के मुखिया एक साथ एक मंच पर आए और सब इस फैसले पर सहमत हुए कि दुनिया को शांति की जरूरत है, इसलिए सर्वसम्मति से यह फ़ैसला लिया गया कि सभी देश अपने अपने हथियारों के जखीरे नष्ट कर देंगे ताकि विश्व में शांति कायम की जा सके।

अपने अपने देश में वापिस आ कर सभी प्रतिनिधियों ने विचार विमर्श करके ये फैसला किया कि अपने अपने हथियारों के जखीरे कई गुना बढ़ा लिए जाए और दिखावे के लिए जितने हथियार इस वक़्त है उन्हें दूसरों के सामने नष्ट कर दिए जाए।

आखिर वो दिन आ ही गया जब सभी देशों ने अपने अपने हथियारों को नष्ट कर दिया, सभी देश बहुत खुश थे, अपने आप को सशक्त और बाकी देशों को निर्बल समझ के सबने एक दूसरे पर हमला कर दिया, विश्व अंतिम युद्ध में उलझ चुका था।

और फिर विश्व में सचमुच शांति छा चुकी थी, पूरी शांति........


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