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Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 73, नवंबर(द्वितीय), 2019

बंदर

हरदीप सबरवाल

सुबह सुबह शहर के बाईपास रोड के हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक बंदर मर गया, इस सड़क पर नहर के किनारे बंदरो की अच्छी खासी संख्या है, अपने साथी की मौत देख बंदर सड़क पर झुंड में इक्कठा हो गए और आने जाने वाली गाड़ियों पर हमला करने लगे, लगभग आधी सड़क बंदरो ने घेर ली थी, कार और बसें तो खैर धीमी गति से निकल रही थी ज्यादा मुश्किल दोपहिया वाहनों को थी, जिन्हें बंदरों के हमले से बच कर निकलना था,

थोड़ी देर बाद ही कुछ किलोमीटर दूर एक कार और बाइक की टक्कर हो गई, बाइक सवार युवक जख्मी हो नीचे गिर गया, कार सवार मौका देख कार भगाकर ले गया, कुछ लोग रुके और घटना का वीडियो बनाने लगे, कुछ ने तो सड़क पर गिरे युवक को फोकस में रख सेल्फी भी ली, दफ्तर जाने वाले लोगों ने घड़ी कि तरफ देख ये कह अपने कर्तव्य की इतिश्री की कि अरे कोई एम्बुलेंस को फोन करो, लोग आते गए और जाते गए, पुलिस के आने तक जख्मी सड़क पर ही कराहता रहा,

सच में अपने पूर्वज बंदरों से कितना आगे निकल गए हैं हम लोग…..


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