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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 96,नवम्बर(प्रथम), 2020

आभासी दुनिया का प्यार

रीता तिवारी "रीत"

"मैं आज बहुत ही दिलचस्प विषय लेकर आपके समक्ष हूं |"आभासी दुनिया का प्यार" नंदिनी एक बहुत चंचल स्वभाव की सुंदर लड़की थी| इसके साथ ही वह पढ़ने में अच्छी चरित्रवान और संस्कारी लड़की थी |उसके अंदर जिज्ञासा बहुत ही प्रबल थी| हमेशा कक्षा में प्रथम श्रेणी में पास होती| उसके अभिभावक और गुरुजन सदैव उससे प्रेम करते थे| और इसकी प्रशंसा करते थे| वह पढ़ कर हमेशा कुछ बनने के सपने देखा करती थी| एक दिन वह अपने घर के आंगन में बैठी थी| अचानक उसके मोबाइल पर एक फोन आया |वह गलत नंबर था लेकिन उधर से एक लड़के की आवाज आ रही थी| जिज्ञासा बस नंदिनी ने फोन पर लड़के से बात की और लड़के ने भी दोस्ती का वास्ता देकर कि हम एक अच्छे दोस्त होंगे उस से बातें करने लगा |धीरे-धीरे सिलसिला चलने लगा और दोस्ती कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला| अब नंदिनी का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता| हर वक्त उसे फोन का इंतजार रहता| धीरे-धीरे सिलसिला चलने लगा और दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला| नंदिनी का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता वह हर वक्त उसके फोन का इंतजार करती| उधर उसके पापा उसकी शादी की बात करने लगे और उधर वह लड़का उसे मोह जाल में फंसा रहा था, जो सिर्फ आभासी था| ना तो लड़की ने लड़के को देखा था ना इसके बारे में कुछ भी जानती थी| सिर्फ शब्द और आभास के जाल में फंसकर वह इतना बड़ा फैसला कर रही थी| वह लड़का सिर्फ उसे प्रेम जाल में उलझा कर उसकी जिंदगी बर्बाद कर रहा था, क्योंकि ना तो स्वयं वह उससे शादी करना चाहता था और ना ही उसे कहीं और शादी करने देना चाहता था| इस प्रकार वह दोहरे मोड़ पर खड़ी थी उसका दिमाग संज्ञा शून्य हो चुका था| वह आभासी प्रेम के भवर में इस प्रकार फस चुकी थी कि क्या सही है और क्या गलत इसका फर्क करना भी उसके लिए मुश्किल था| और फिर यह बात उसकी सास और पति को पता चली और नंदिनी की शादी टूट गई I उधर वह लड़का भी उससे बात करना बंद कर देता है| इस प्रकार से इस आभासी प्रेम ने नंदिनी का पूरा भविष्य गर्त में डूबा दिया| अब नंदनी को प्रेम शब्द से नफरत होने लगी| इस आभासी प्रेम ने उसका सच्चे प्रेम से मोहभंग कर दिया था|

संदेश- यह कहानी हमें सीख देती है कि हमें आभासी दुनिया से दूर वास्तविक दुनिया को समझना चाहिए| आभासी दुनिया में फंसकर अपनी जिंदगी को बर्बाद नहीं करना चाहिए| युवा वर्ग को समझना होगा कि जिंदगी जीने के लिए एक सच्चे हमसफर की जरूरत होती है| काल्पनिक और आभासी प्रेम की नहीं| यह मात्र छलावा है और कुछ नहीं|


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