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वर्ष: 2, अंक 37, मई(द्वितीय), 2018



रिजल्ट


अर्विना गहलोत


लल्ला जब ते देख रहे हैं जा मोबाइल पे लगे पड़े हो जाके लाने थीड़े ही दओ हतो की पढ़बो लिखिबो सब ताक पे धर के गेम खेलो जामें ।

लल्ला ! सुन नहीं रहे हमाई बात ।

हे राम ! देखो कान में तो जो हेड फोन लगो हम तो बेकार लगे पड़े इनके कोई असरई नहीं हो रओ।

माई तू चिंता मत कर तू जामें हम पढ़िबे लग रहे हैं

लल्ला तू मोय मत समझा जे बाल धूप में सफैद ना किये है ।

मां ! तुम ना समझोगी आजकल ऐसे ही पढ़ाई-लिखाई होवे है ।

रिजल्ट आवेगो तब बात करुंगी तो ते तो अभी कछु ना कैह रही।

टेस्टन को तो आजई आबे बालों है रिजल्ट पतों पड़े का तीर मारो है ।

जै फोन बज रयो है काहे नहीं उठाते हो ?

कौन को है फोन पे जल्दी बताओ ?

वीरा हमाओं दोस्त है मां

का कह रयो है ?

आज रिजल्ट घोषित हो गयो है।

जे मोह काय बन गयो तुमाओ रिजल्ट की सुन के सांप सूंघ गओ का बोलते काय नहीं ?

कछु उगलो तो सही का हुआ है ?

हमारी कम्पार्टमेन्ट आई है ।

मां तुम टेंशन न लो हम दे देंगे परिक्षा । कह के फिर मूड घुसा लओ मोबाइल में हे भगवान इनका सद्बुद्धि दो ।


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