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वर्ष: 2, अंक 37, मई(द्वितीय), 2018



सतयुग और कलयुग


नेहा शर्मा


   
राम लक्ष्मण सीता सहित। 
वन में जाने को तैयार।
केवट आया पाँव धुलाने,
अपनी नौका कर तैयार।
पहुंचाया उस पार तीनों को,
झुककर फिर किया प्रणाम,
ऐसे थे सतयुग के केवट,
ऐसे थे श्री राम।

राम जी आये धरती पर,
लेकर सीता और लक्ष्मण को साथ।
बुला केवट को पूछा उससे,
ले चलेगा क्या उस पार.....
केवट बोला ले तो जाऊं,
नाम बताओ पहले यार.....
राम ने परिचय कराया अपना।
बोले मैं सतयुग वाला भगवान।
केवट हंसकर बोला कैसे मानूं,
धोखा कर दिया अगर मेरे साथ,
प्रूफ दो मुझे अभी तुम कोई,
की तुम्ही हो सतयुग वाले भगवान।
इतना सुन श्री राम मुस्काये।
बोले बताओ क्या चाहिए पार्थ।
केवट बोला दे दो धन मुझे।
बिन कमाए खाऊं हर साल,
राम बोले रहने दे नौका,
हम खुद ही कर लेंगे पार।
तेरे इस कलयुग में,
भगवान नही आएंगे हर बार।

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