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वर्ष: 2, अंक 37, मई(द्वितीय), 2018



वीरता


नवीन कुमार भट्ट


  
कितनी पावन भारत माता।
है वीरों का सदियों से नाता।।

काश्मीर पर विपदा आई।
वीर सीनें पर गोली खाई।।
देकर भारत को आजादी।
वीरों ने  औकात बता दी।।
वीरों को सत् वंदन करते।
बलिदान की हुँकार भरते।।

राम कृष्ण अंगद हनुमाना।
भगत गुरू सुखदेव प्रधाना।।
राष्टपिता की अमर कहानी।
मंगल शेखर  बोस कुर्बानी।।
अंग्रेजों की कर दी  छुट्टी।
भारत को दिलवाई मुक्ति।।
 
सीमा पर रहते है तैनात।
गर्मी ठंडी या हो बरसात।।

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