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वर्ष: 2, अंक 37, मई(द्वितीय), 2018



चिड़िया रानी


डॉ.प्रमोद सोनवानी पुष्प


           
प्यारी-प्यारी चिड़िया रानी ,
चूं-चूं,चक-चक करती है ।
लगती है वह बड़ी सयानी ,
सबके मन को भाती है ।।1।।

मेरे घर के आँगन में ,
बड़े सवेरे आती है ।
दाना चुग-चुग बड़े मजे से ,
फुदक-फुदक कर गाती है ।।2।।

फिर हमें वह टा-टा कहकर ,
फुर्र से उड़ जाती है ।
नन्ही सी है चिड़िया रानी ,
मन सबका हर जाती है ।।3।।

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