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वर्ष: 2, अंक 36, मई(प्रथम), 2018



समय का मूल्य


डॉ.प्रमोद सोनवानी पुष्प


 

रोज सुबह तड़के उठकर अब ,
सैर-सपाटे करना है ।
बड़े लगन से मेहनत करके ,
सुबह-शाम नित पढ़ना है ।।1।।

समय बड़ा अनमोल है जी ,
समय का मूल्य समझना है ।
बात पुरानी छोड़ो कल की ,
अब तो समय पर चलना ।।2।।

 

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