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वर्ष: 2, अंक 39, जून(द्वितीय), 2018



दिल जलाने वाली बातें तो न किया करो


डा० अनिल चड्डा


 
दिल जलाने वाली बातें तो न किया करो, 
हमें रूलाने वाली बातें तो न किया करो !

होश में वैसे भी कहाँ रहते हैं हम,
बेहोश करने वाली बातें तो न किया करो !

बड़ी मुश्किल से मिली हैं नज़दीकियाँ,
दूर जाने वाली बातें तो न किया करो !

इशारों-इशारों में कहती हो बात अपनी,
चुप रहने वाली बातें तो न किया करो !

ज़माने वाले भी तो प्यार करते होंगें,
यूँ डरने वाली बातें तो न किया करो !

दोस्त मिलते हैं दुनिया में बहुत कम,
दुशमनों वाली बातें तो न किया करो !

माना कि फूलों संग काँटे भी रहते हैं,
काँटे चुभाने वाली बातें तो न किया करो !

प्यार में जीत क्या और हार क्या,
मन हारने वाली बातें तो न किया करो !
 

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