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वर्ष: 1, अंक15, जून(द्वितीय), 2017



पूरक

आशीष त्रिवेदी


 एक बड़े अस्पताल के प्राईवेट कमरे में दो महिलाएं थीं। एक नौ माह की गर्भवती बिस्तर पर लेटी थी। वह किसी साधारण परिवार से संबंध रखती थी। दूसरी जो उसके पास बैठी थी देखने से अमीर लग रही थी। अमीर महिला ने उस गर्भवती स्त्री से कहा "तुम्हारा मुझ पर बड़ा उपकार है।" गर्भवती स्त्री ने उसका हाथ पकड़ कर कहा "मेरी कोख बच्चे जन सकती है लेकिन मेरे पास उन्हें पालने के पैसे नही हैं। आप के पास पैसे हैं। हम दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।"


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