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वर्ष: 1, अंक 15, जून(द्वितीय), 2017



छ: एकम् छ:

डॉ० अनिल चड्डा


छ: एकम छ:,
छ: दूनी बारह,
किसी भी गल्ती को,
करना न दोबारा ।

छ: तीए अटठारह,
छ: चौके चौबीस,
सवाल हल न हो,
तो करते रहना कोशिश ।

छ: पंजे तीस,
छ: छेके छत्तीस,
थोड़े से बादाम,
साथ में खाना किशमिश ।

छ: सत्ते ब्यालीस,
छ: अटठे अड़तालीस,
प्यार पौधों से करो,
रखना न लावारिस।

छ: नामे चौव्वन,
छ: दस्से साठ,
मेहनत करने के लिये,
करना इक दिन-रात ।
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