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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 86, जून(प्रथम), 2020

कर्तव्य

प्रिया देवांगन "प्रियू"

पास के शहर में एक दम्पति रहते थे , पति डॉक्टर था और उसकी पत्नी शिक्षिका थी ।पत्नी शहर से कुछ दूर गाँव मे पढ़ाने जाती थी । तथा पति शहर में ही डॉक्टर था। दोनो की एक भी संतान नहीं थी।दोनो संतान पाने के लिये बहुत से उपाय पूजा पाठ यज्ञ किये तब जाकर कही उसके घर मे नन्ही परी का जन्म हुआ ।दोनो बहुत खुश थे ।और अपनी बेटी का नाम परी रखा। तथा अपनी लाडली बेटी के साथ जीवन यापन कर रहे थे ।धीरे समय बीतता गया ।बेटी अब 20 साल की हो गयी उसकी आज बीसवी जन्मदिन है । डॉक्टर साहब अपने लाडली बेटी के लिये स्कूटी ले कर आये।बिटियां बहुत ही चंचल स्वभाव की थी। वह अपने पिता जी से बोली में स्कूटी में थोड़ा घूम कर आती हूँ , पिता जी ने मना किया बोले बेटा आज ही लाया हूं अपने जन्मदिन मनाले फिर कल चले जाना ।बिटियां नही मानी फिर मम्मी ने भी कहा - जाने दो न जल्दी आ जायेगी। परी स्कूटी ले कर चली गयी।अचानक डॉक्टर को कॉल आया कि बहुत जरूरी ऑपरेशन करना है , डॉक्टर साहब जल्दी से ही गाड़ी निकाले तथा अपना *कर्तव्य* पूरा करने हॉस्पिटल चले गए।वहाँ एक माँ अपने बेटे के एक्सीडेंट होने पर चीख चीख के रो रही थी तथा डॉक्टर को भला बुरा कह रही थी।उसी समय डॉक्टर साहब आये तो महिला बहुत ग़ुस्से में थी और कहने लगी आपको तो कोई चिंता नही है डॉक्टर साहब आप तो घर मे आराम फरमा के आ रहे हो । इधर मेरा बेटा जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहा है ।डॉक्टर आराम से बोले - माँ जी अब शांत हो जाइए मैं आ गया हूँ और मै भी इंसान हूँ बाकी तो भगवान के हाथों में है।ऐसा सुनकर महिला और ग़ुस्से में आ कर बोली - आप कहना क्या चाहते हो कि मेरा बेटा मर जाये? अगर इसकी जगह आपकी संतान होती तो ???

डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में गए तथा ऑपरेशन अच्छे से हो गया। डॉक्टर साहब बाहर आये और महिला से बोले कि आपका बेटा ठीक है जल्दी से होश आ जायेगा। ऐसा कहकर डॉक्टर साहब तुरंत निकल गए।ये देख कर महिला नर्स से बोली - डॉक्टर को इतनी भी क्या जल्दी है जो निकल पड़े सामने बैठी महिला बता रही थी कि आज उसकी बिटिया का जन्मदिन है , डॉक्टर कितना मतलबी इंसान लगते हैं अपने बेटी का जन्मदिन मेरे बेटे के होश में आने से भी ज्यादा जरूरी है क्या?? नर्स के आँखों मे आँसू आने लगे और उस महिला को बताई की नही माँ जी आप जो सोच रही ऐसा बिल्कुल भी नही है डॉक्टर तो बहुत अच्छे इंसान हैं आज उसकी बेटी का जन्मदिवस है और 1घंटे पहले ही उसकी बेटी का एक्सीडेंट में मौत हो गयी । डॉक्टर साहब अपनी बेटी का काम छोड़कर आपके बेटे का ऑपरेशन के लिये यहाँ आये थे , डॉक्टर को पता था कि उसकी बेटी का एक्सीडेंट उस महिला के बेटे से हुआ है फिर भी डॉक्टर साहब अपना *कर्तव्य* पूरा करने आये थे।ऐसा सुनकर महिला के पैरों तले जमीन खिसक गये और बहुत रोने लगी। इसी तरह डॉक्टर साहब में अपना दोनो *कर्तव्य* बहुत अच्छी तरह निभायें।।


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