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परिचय

डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा ’अरुण’


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नाम :डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा ’अरुण’
जन्म :7 जनवरी, 1941 कंखल (जिला हरिद्वार) उत्तरांचल (भारत)शिक्षा :
एम.ए. (हिन्दी); साहित्य रत्न; पी.एच.डी.; डी.लिट्‌
कार्यानुभव :लेक्चरर स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, शम्भू दयाल कॉलेज, ग़ाज़ियाबाद (मेरठ विश्वविद्यालय)
रीडर और विभागाध्यक्ष स्नातकोत्तर विभाग हिन्दी शोध, बी.एस.एम. (स्नातकोत्तर) कॉलेज, रूड़की (मेरठ विश्वविद्यालय)
प्राचार्य- उपाधी पोस्ट ग्रैजुएट कॉलेज, पीलीभीत (एम.जे.पी. रोहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली),
जून ३०, २००१ से सेवानिवृत्तशोध :“जैन रामकथा” के अन्तर्गत “स्वयंभू एवम्‌ तुलसी के नारीपात्र : तुलनात्मक अनुशीलन”
यू.जी.सी का महत्वपूर्ण शोध कार्य की पूर्णता – “स्वयंभू प्रणीत ’पौम चरिउ’ में समाज, संस्कृत एवम्‌ दर्शन की अभिव्यंजना”; इस शोध के से डी.लिट्‌ की प्राप्ति।
सेवानिवृत्त होने के बाद महत्वपूर्ण शोध की पूर्णता – “राम कथा परम्परा एवम्‌ स्वयंभू देव की जैन रामायण ’पौम चरिउ’ जो कि अपभ्रंश में ई०. ८ में लिखी गई।उपलब्धियाँ :एच.एन.बी. गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के चांसलर के पद के लिए मनोनीत
हिमाचलय विश्वविद्यालय, शिमला, के बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ की सदस्यता
मेरठ विश्वविद्याल, मेरठ, के बोर्ड ऑफ़ स्टडीज़ की सदस्यता
रोहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली की अकादमिक कौंसिल की सदस्यता
रोहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली की एग्ज़ामिनेशन कमेटी की सदस्यता
रोहेलखण्ड विश्वविद्याल की एग़्ज़िक्यूटिव कमेटी की दो बार सदस्यता
बोर्ड हो स्टडीज़, रोहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली का कॉनवीनर
रिसर्च डिग्री कमेटी, रोहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली का कॉनवीनर
प्राचार्य परिषद, उत्तर प्रदेश की सदस्यता
इण्डियन कॉलेज फोरम, नई दिल्ली की सदस्यता
पुरस्कार कमेटी, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली का विशेषज्ञ
मेरठ विश्वविद्यालय की हिन्दी लेक्चरर चयन कमेटी का विशेषज्ञ
केन्द्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली की चयन कमेटी का विशेषज्ञ प्रकाशन
कुछ महत्वपूर्ण प्रकाशित पुस्तकें –
स्वयंभू एवम्‌ तुलसी के नारी पात्र
प्राकृति – अपभ्रंश : इतिहास दर्शन
जैन कहानियाँ (भारत सरकार द्वारा प्रकाशित)
दादी माँ ने हाँ कह दी (साक्षारता निकेतन, नई दिल्ली)
जैन रामायण कि कहानियाँ (किताब घर, नई दिल्ली)
काव्य सरोवर का हंस : उदय भानु हंस
श्याम सिंह शशि : स्रजन एवम्‌ मूल्यांकन
’अहसास’ और अन्य कहानियाँ ( कहानी संग्रह)
’अभिनन्दन’ (कहानी संग्रह) – महामहिम एस. एस. बरनाला (राज्यपाल, उत्तरांचल) द्वारा विमोचित
चार बाल काव्य संग्रह
“गीत त्रिवेणी” गीत संकलन
“बाती नदी हो जाए” ग़ज़ल संकलन
नया सवेरा (एन.बी.टी. नई दिल्ली)
नदिया से सीखो (बाल-काव्य)
जैन रामकाव्य परंपरा और महाकवी स्वयंभू प्रणीत पौम चरिउ
अक्षर चिंतन (शोध पत्र)
विचार प्रवाह (निबंध संकलन)
महाविजय (एन.बी.टी. नई दिल्ली)
सन्त समण भाई का अमृत चिंतन
प्रेरक बाल गीत
जीवन अमृत : पर्यावरण चेतना
विशेष प्रकाशन :
“इन्दिरा महा प्रयाण” (स्वर्गीय श्रीमती इन्दिरा गांधी की स्मृति में महाकाव्य)
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में २०० से अधिक आलेख –
पत्रिकाएँ
भाषा, राजभाषा, गगनांचल, कादम्बिनी, आज-कल, जागृति, मधुमति, उत्तर प्रदेश, देहली, कुरुक्षेत्र, नन्दन, बाल भारती, सप्ताहिक हिन्दुस्तान, योजना, धर्मयुग इत्यादि
समाचार पत्र
नवभारत टाइम्स, पंजाब केसरी, हिन्दुस्तान, जनसत्ता, अमर उजाला, दैनिक जागरण, ट्रिब्यून इत्यादिसम्पादन : मानव वन्दना (मासिक पत्रिका) सौम्य संदेश (साप्ताहिक पत्रिका)विशेष लेखन : पंजाब केसरी, अमर उजाला, नवभारत टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा, ट्रिब्यून, दैनिक जागरण आदि।प्रसारण :आल इण्डिया रेडियो नई दिल्ली, नजीबाबाद, रोहतक, रामपुर और अहमदाबाद के केन्द्रों के प्रसिद्ध वार्ताकार
“आचार्य किशोरी” पर बनी फिल्म के विषय में दूर-दर्शन पर सक्रिय सहयोग
कुबेर दत्त द्वार निर्मित “दस बाजपयी” पत्रिका कार्यक्रम के लिए निमंत्रित
दूर दर्शन के कवि सम्मेलनों (नई दिल्ली, नजीबाद, रामपुर और जालन्धर केन्द्रों) पर आमन्त्रित
नई दिल्ली दूर दर्शन के “जनवाणी” कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमन्त्रित
नई दिल्ली दूर दर्शन के बच्चों के कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग।सम्मान :पं. मदन मोहन मालवीय सम्मान (श्री गंगा सभा, हरिद्वार) ; जैन सेंटर, फ़्लोरिडा, यू.एस.ए. द्वारा सम्मानित; जैन सेंटर, बोस्टन, न्यूटन (यू.एस.ए.) द्वारा सम्मानित
जैन एसोसिएशन, मॉण्ट्रीयाल (कैनेडा) द्वारा सम्मानित; ’नाट्य’, सहारनपुर, पत्रकार संघ, रूड़की, देहरादून, इत्यादि
संत लोंगोवाल इंस्टीच्यूट ऑफ़ इंजीनिरिंग एंड. टेक., लोंगोवाल (पंजाब) द्वारा इंस्टीच्यूट का कुल गीत रचने के लिए सम्मानित; राम तीर्थ केन्द्र, सहारनपुर द्वारा सम्मानित; ब्राह्मण समाज रूड़की द्वारा सम्मानितविदेश यात्राएँ :यू.एस.ए. कैनेडा, हॉलेण्ड, जर्मनी, फ़्रांस, बेलजियम और लक्समबर्गसंस्थाओं से संबद्ध :जैन मिलन, मेरठ, हरिद्वार, देहरादून;जैन इंटरनेशनल, अहमदाबाद; एकैडमिक स्टाफ़ कॉलेज, ए.एम.यू. अलीगढ़; जैनॉलोजिकल सोसायटी, वाराणसी के संस्थापक सदस्य और अधिकारी; नेशनल इंस्टिच्यूट ऑफ़ हाईड्रॉलोजी, रूड़की में राज भाषा विशेषज्ञ; सेन्ट्रल हिन्दी डाईरेक्टरेट, नई दिल्ली में चयन समिति विशेषज्ञ; बी.एच.ई. लिमिटेड, रानीपुर, हरिद्वार; केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून, जयपुर, नई दिल्ली; इंटरनेशन गुडविल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, रूड़की; संचेतना विचार मंच, रूड़की; शैलेन्द्र स्मृति सम्मान समिति, रूड़की; कादम्बिनी क्लब, रूड़कीसम्मेलन व
संगोष्ठियाँ :२००२ में मैसेच्यूसेट विश्वविद्यालय, डार्टमाऊथ, अमेरिका में “वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ़ वेदिक स्टडीज़” द्वारा “इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेंस ऑन इण्डियाज़ कॉन्ट्रीब्यूशनज़ एंड इन्फ़लूएंस इन द वर्ल्ड” में शोध पत्र प्रस्तुत किया – “द इम्पैक्ट ऑफ़ महाभारत ऑन जैन कृष्ण कथा लिट्रेचर”
कॉनकार्डिया विश्वविद्यालय, मॉन्ट्रीयाल, कैनेडा में “कैरेक्टर ऑफ़ लॉर्ड कृष्णा इन जैन कृष्ण कथा लिट्रेचर” शोध पत्र प्रस्तुत किया।
दिसम्बर२३-२५, २००० को अमृतसर में “इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेंस ओफ़ इंडियन कॉलेज फ़ोरम” में भाग लिया।
कुरूक्षेत्र विश्वविद्याल में सन् २००१ को नेशनल सेमिनार में पत्र प्रस्तुत किया “क्षेत्रीय पत्रकारिता”सम्पर्क :ynsarun@hotmail.com

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