Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 1, अंक 14, जून(प्रथम), 2017



हाइकु

महेन्द्र देवांगन "माटी"



(1)

 पेड़ लगाओ
 फल फूल भी खाओ
  मौज मनाओ ।

(2)

 चलते राही
 छांव मिले न कहीं 
 कटते पेड़ ।

(3)

 जंगल साफ
 माफियाओं का राज
 आते न बाज ।

(4)
 टूटी है डाली
 कैसे बचाये माली
 क्यों देते गाली ।

(5)
 जल बचाओ 
 गली में न बहाओ 
 प्यास बुझाओ ।
www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें