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वर्ष: 1, अंक 14, जून(प्रथम), 2017



तीन एकम तीन

डॉ०अनिल चड्डा

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तीन एकम तीन
तीन एकम तीन
तीन दूनी छ:
रोज - रोज नहा के,
साफ – सुथरा रह ।

तीन तीए नौ,
तीन चौके बारह,
मेहनत करने वाला,
कभी नहीं हारा ।

तीन पंजे पंद्रह,
तीन छेके अट्ठारह,
साफ दिल वाला,
कभी झूठ नहीं बोला ।

तीन सत्ते इक्कीस,
तीन अट्ठे चौबीस,
हरदम रहना,
कक्षा में चौकस ।

तीन नामे सत्ताईस,
तीन दस्से तीस,
कभी नहीं होना,
किसी से उन्नीस ।

.....चार का पहाड़ा

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