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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 89,जुलाई(द्वितीय), 2020

उसका तर्क

पवित्रा अग्रवाल

रघु ने हाथ उठा कर आटो वाले को रोक कर पूछा - "बाबू, सोमाजीगुड़ा चलोगे ?'

"चलूँगा साब पर तीस रुपए लगेंगे ।'

रघु ने झल्ला कर कहा - "फिर इस मीटर का क्या फायदा और मीटर के नीचे यह स्टीकर क्यों चिपका रखा है जिस पर लिखा है -"पे बाइ द मीटर'।

" वो तो आटो पर ये स्टीकर लगाना कम्पलसरी है तो लगाना पड़ता..पर कौन मानता साब ?...'

तभी रघु को सिगरेट पीते हुए देख कर बोला -"साब आप सिगरेट पी रऐ इसके बाक्स पर भी लिखा रहता है कि सिगरेट हैल्थ के लिए नुक्सानदायक है लेकिन पीने वाले कब मानते ? '

रघु मुस्कराया --'अच्छा तर्क है।'

"बैठो साब जो मीटर मे आए वही दे देना।'


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