Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 41, जुलाई(द्वितीय), 2018



वो बीच रास्ते में छोड़ गया


डॉ० अनिल चड्डा


 
वो बीच रास्ते में छोड़ गया,
उम्र  भर का भरोसा तोड़ गया।

मंज़िल हाथ आने को थी,
राह कारवाँ की क्यों मोड़ गया।

गहरी नींद के मीठे सपने थे वो,
वो नींद से हमें झिंझोड़ गया।

दोस्त मुश्किल से बनाया था जिसे,
बन रकीब वो आशियाँ फोड़ गया।

ऐश करता रहा मेरे कारण था जो,
जिम्मेवारी जो आई तो दौड़ गया।

 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें