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वर्ष: 1, अंक17, जुलाई(द्वितीय), 2017



बुंदेली ग़ज़ल-3
क्रिकेट कमेंट्री


सुशील शर्मा


 		 
ओवल में मन को खटवा गयो।
भारत अपनो कप लुटवा गयो।

पाकिस्तान गुलेन्दो खा रयो
भारत जीती बाजी हरवा गयो।

शेर शेर कह बनो लड़ईया
नाक कान सब कटवा गयो।

उचट गकरिया घी में गिर गई।
तीर को तुक्का वो लगवा गयो।

विराट कोहली बैठ के रो रयो।
आमिर सब चौपट करवा गयो।

बॉलर अपने ऐसे पिट रये।
धोबी जैसे कुर्ता कुटवा गयो।

बुमरा दे नो बॉल सन्ना रयो।
फकर इन्हें चरखा बनवा गयो।

बेटर सारों की घघ्घी बंध गई
जैसे इन्हें सांप सुंघवा गयो।

हार्दिक ने कछु चाल भरी थी।
जड्डू रन आउट करवा गयो।

कोहली भैया बड़ो लड़ईया ।
भारत को बिस्तर बंधवा गयो।

गुलेन्दो- गुलकंद गकरिया-बाटी बेटर-बल्लेबाज
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