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वर्ष: 1, अंक16, जुलाई(प्रथम), 2017



किसान के प्रश्न और मंत्री के उत्तर (ग्रामीण परिवेश)

हरि जोशी


   किसान का प्रश्न – सरकार इन दिनों किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं ?

   मंत्री का उत्तर - क्योंकि उनमें कई लोगों की स्वर्ग जाने की इच्छा जगी है |गाँव के नरक से तो मुक्ति मिलेगी ?कई लोग शौक़ीन हो गए हैं |आत्महत्या एक फेशन बन गया है |

   प्रश्न- आप तो हमारे ही बीच के हैं |नरक से मुक्त होकर मंत्री पद पा गए ?बताइये हम क्या करें ?

  उत्तर –ऊपर वालों के पाँव पकड़ने पड़ते हैं ,खुद के रगड़ने पड़ते हैं , पैसे खर्च करने पड़ते हैं तब कहीं जाकर कुर्सी मिलती है ?आप कर सकते हों तो आप भी कीजिये ?

   प्रश्न -लेकिन आप तो कहते हैं, आपके कारण गांवों में शिक्षा का बहुत विकास हुआ है ?

  उत्तर –वैसा करके हमने गलती की| देखिये खेतिहर मजदूरों का टोटा हो गया है |पढ़ने लिखने के बाद सभी को ज़मीन नहीं कुर्सी चाहिए |शिक्षा ने ज़मीन से जुड़ना नहीं सिखाया ,कुर्सी पर बैठना सिखाया है |

  प्रश्न –यहाँ से निकलकर जिस तरह आपने जुगाड़ें की और तरक्की पाई , युवक भी आपसे वही प्रेरणा ले रहे हैं |शिक्षित युवक को मनोरंजन करने के लिए भी तो कुछ लगता है ?

  उत्तर –हमने जितनी मेहनत की युवक नहीं कर पायेंगे |वैसे हमने गांवों में जगह जगह कलारियां खुलवा दी हैं |अब तो देर रात तक मस्ती के अच्छे साधन उपलब्ध हैं |ज़मीनों का क्या है, एक ने बेची दूसरे ने खरीदी |वह कहाँ जाती है |इसलिए भले ही ज़मीनें बेची जा रही हों, युवा पीढ़ी आनंद तो भोग रही है ?

  प्रश्न-पीने के बाद लड़के गाली गलौज मार पीट करते हैं |पिछले दिनों , गांवों में कितनी तेज़ी से अपराध बढ़े हैं |पहले इतने कहाँ होते थे ?

  उत्तर - शहरों से जुड़ने वाली सड़कें अच्छी हो गई हैं |शूर वीर लोग कभी भी आ सकते , कभी भी जा सकते हैं |वही अपने हाथ दिखाते होंगे ?

  प्रश्न -गाँव के बच्चे भी शहर में जाकर पढ़ाई करते करते आत्महत्याएँ क्यों करने लगे हैं ?

  उत्तर - अधिकांश बच्चे वह नहीं पढ़ना चाहते जिसे पढ़ने के लिए उन्हें बाध्य किया जा रहा है | माता पिता क़र्ज़ ले लेकर देखा देखी ,उनपर अपनी पसंद थोप रहे हैं |इसीलिये कालेजों में अध्ययन अध्यापन कम, प्रेमालाप अधिक बढ़ गए हैं |

  प्रश्न -भारतीय समाज में विवाह के बाद सम्बन्ध विच्छेद भी दिन दूने रात चौगुने बढ़ रहे हैं |

  उत्तर – जल्दी जल्दी पकड़ लेते हैं , प्रेम प्रसंग की राह, उसके पश्चात चट मंगनी ,पट ब्याह |बाद में कलह और तबाह |

  प्रश्न –इस दशक में ,हर घर में एक इन्जीनीयर ,दो घरों में एक दांत का डॉक्टर , चार घरों में एक चिकित्सक ,बन गए हैं |

  उत्तर - तभी तो कौशल, गाँव से बाहर हो गया है ? पिताजी कन्धों पर औज़ार टांग कर घूमते थे |बेटे अपने अपने गलों में डिग्रियां टांग कर घूम रहे हैं |

  प्रश्न -बूढ़े माता पिताओं के लिए वृद्धाश्रम काफी खुल गए हैं ?नए बच्चों को काफी सुविधा हो गई है |

  उत्तर - तीस चालीस साल बाद युवकों और वृद्धों की बराबर की संख्या में अलग अलग बस्तियां बन जायेंगी | बाद के युवकों के लिए और भी अधिक सुविधाजनक वृद्धाश्रम तैयार हो जायेंगे |

  प्रश्न –लगता है समय समय पर मरम्मत करने के लिए सास के लिए पुत्रवधू और पिता के लिए बेटे जल्दी ही तैयार हो रहे हैं ?

  प्रश्न – यदि अमेरिका की तरह ,यहाँ भी बच्चों को ताड़ना या डांटना अपराध माना जाने लगेगा |

  प्रश्न -बीस साल बाद चहुँ ओर प्रेमी प्रेमिका से या प्रेमिका प्रेमी से ही बात करते मिलेंगे |घरों में माँ बाप से कौन बोलेगा ?

  उत्तर - तब तक बूढ़े लोगों को मोबाइल पर टिक टिक करना सीख लेना चाहिए |सम्प्रेषण या चर्चा का कुछ साधन तो रहेगा ?घर की किच किच से तो वह टिक टिक भली होगी |

  प्रश्न –सिंचाई तो मंत्रियों ,नेताओं के आसपास होती है ,उनकी जेबें सींची जा रही हैं | खेतों का नंबर कब आएगा ?

  उत्तर-पहले एक सिंचाई अच्छी तरह हो जाये ?वैसे हर गाँव को भी नहरों से जोड़ा ही जा रहा है |पंच सरपंच भी खुश हो जायेंगे | गाँवों की फसलें भी बाद में लहलहायेंगी |

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