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वर्ष: 1, अंक 7, जनवरी, 2017



घुमक्कड़


सपना मांगलिक


समीर ने विवाह के एक वर्ष बाद जब अपनी पत्नी स्मिता के साथ अकेले घूमने जाने की इच्छा जताई तो माँ बिगड़ गयी बोली “अरे अभी तो पूरा परिवार खाटू श्याम के दर्शन करके आया है और तुम्हारी शादी के तुरंत बाद भी पापाजी सबको वैष्णो देवी के दर्शन कराकर लाये ही थे ,अब अलग जाने का फितूल कहाँ से आया ,फिर स्मिता की तरफ टेडी नजर करते हुए बोलीं जरूर इसी महारानी ने तुम्हें उलटी सीढ़ी पट्टी पढ़ाई होगी बड़ी घुमक्कड़ लड़की पल्ले पड़ी है हमारे “ स्मिता की आँखों में अपमान के आंसू तैर आये और समीर भी मन मसोस कर ऑफिस निकल गया ।कुछ महीनों बाद समीर की बहन नेहा की शादी हुई ।नेहा की शादी को दो महीने हो चुके थे स्मिता ने माँ को दुखी होकर पिताजी से शिकायत करते सुना “सुनो जी कैसा कंजूस परिवार ढूँढा है आपने मेरी बेटी के लिए ,पूरे दो महीने शादी को हो गए हैं और दामाद जी अभी तक नेहा को हनीमून पर नहीं ले गए ,कैसे घुट रही होगी मेरी नन्ही सी बेटी को घर में पड़े - पड़े “

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