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वर्ष: 1, अंक 7, जनवरी, 2017



अंतर

- सुशांत सुप्रिय


महँगे विदेशी टाइल्स और सफ़ेद संगमरमर से बना आलीशान मकान ही तुम्हारे लिए घर है जबकि मैं हवा-सा यायावर हूँ तुम्हारे लिए नर्म-मुलायम गद्दों पर सो जाना ही घर आना है जबकि मेरे लिए नए क्षितिज की तलाश में खो जाना ही घर आना है
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