Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 1, अंक 7, जनवरी, 2017



इंसान में इंसानियत होनी चाहिए

अमिताभ विक्रम


इंसान में इंसानियत होनी चाहिए, सूरत कैसी भी हो सीरत अच्छी होनी चाहिए। उस उजड़े शहर में कोई रहता नहीं, पर चमगादड़ों की बस्ती तो होनी चाहिए। तन पै भले कुछ कपड़ें कम रहे, मन को ढकने में कसर ना रहनी चाहिए। ज़िन्दगी से मौत महंगी हो गयी, कर्ज़ का सूद कुछ ज़्यादा होना चाहिए। घोंप के खंज़र पूछता है हाल-ए-दिल, उस शख़्स की नियत अच्छी होनी चाहिए।
www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें