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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 103, फरवरी(द्वितीय), 2021

पराक्रम

रीता तिवारी "रीत"

हमारे देश की धरती ए सदियों से है वीरों की| पराक्रम शौर्य ही पहचान है भारत के वीरों की| लुटा दे जान अपनी मान ना जाए कभी इसकी| यह धरती है भगत सिंह चंद्रशेखर जैसे वीरों की||1|| हमारे देश की मिट्टी की खुशबू सबसे प्यारी है| यहां झांसी की रानी की अमर गाथा निराली है| भरी है देशभक्ति शौर्य रग- रग में यहां सब की| है भारत का यही गौरव जो दुनिया में निराली है| |2|| अनेकों रीतियों से पूर्ण भारत की ए धरती है| विविध संस्कृतियों से पूर्ण भारत की ए धरती है| यहां की वीर गाथा का अमर इतिहास है सुन लो! शिवा की वीर धरती ए भगत की वीर धरती है||3|| वतन पर जो समर्पित हो वही सच्ची जवानी है| कहे यह "रीत" जीवन की सफलतम यह कहानी है| वतन पर जान जो दे दे लुटा दे अपने तन मन को| अमर इतिहास में उसकी हुई स्वर्णिम कहानी है ||4||

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