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Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 103, फरवरी(द्वितीय), 2021

खमोशी

अमित डोगरा

खामोशी बहुत कुछ कहती है खामोशी दिल की मोहब्बत बयान करती हैं। खमोशी अपनेपन का एहसास करवाती हैं। खमोशी अक्सर अनकहे शब्दों को कहती है। खमोशी सिर्फ तुम्हारा ही इंतजार करती हैं। खमोशी दिल के दर्द को नजरअंदाज करती हैं। खमोशी बहुत कुछ कहने को बेकरार होती है। खमोशी फिर से तुम्हारे पास बैठना चाहती है। खामोशी फिर अपना एहसास करवाना चाहती है। खमोशी सिर्फ तेरे साथ जिंदगी बीताना चाहती है।


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