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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 5, अंक 103, फरवरी(द्वितीय), 2021

नफरतें छोड़ दें

चन्द्रकान्ता अग्निहोत्री

नफरतें छोड़ दें करते चले बस प्यार की बातें | गिले शिकवे मिटा कर अब करें मनुहार की बातें | * बसाया है जिसे दिल में उसे बस याद रखना तुम , जलाओ याद का दीपक करो इकरार की बातें | * हमीं थे बेखबर अब तक निगाहों के इशारे से , छिपाई थी हमीं ने इस दिले इज़हार की बातें | * गमों को सब तुम्हारे एक पल में दूर कर दूँ मैं , तुम्हारे दिल की धड़कन भी करे श्रृंगार की बातें | * समय बेशक नहीं मिलता मगर है दौर फुर्सत का , उलझती जिन्दगी में क्यों करें तकरार की बातें |

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