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वर्ष: 2, अंक19, अगस्त(द्वितीय ), 2017



हाइकु-102
रक्षाबंधन


सुशील शर्मा


 		 
 (1)
रक्षा वचन
बहिन अभिमान
भाई का मान।
 (2)
रक्षा बंधन
स्नेह का निमंत्रण
आत्म मिलन।
 (3)
स्नेह का सूत्र
कलाई पर सोहे
भाई को मोहे।
 (4)
प्यारी बहना
सदा मुस्काती रहो
खुश रहना।
 (5)
रक्षा कवच
भाई की कलाई पे
रेशम धागा।
 (6)
श्रावणी पर्व
संस्कारित जीवन
संकल्प सर्ग।
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