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वर्ष: 2, अंक19, अगस्त(द्वितीय ), 2017



ग़ज़ल -
सब कुछ तेरे आने से बदल जाता है


सुशील शर्मा


 		 
सब कुछ तेरे आने से बदल जाता है।
मुरझाया चेहरा फूल सा खिल जाता है।

तेरे न रहने पर जिंदगी वीरान सी लगती है।
तेरे आने पर दिल को सुकून मिल जाता है।

बहुत सोचा कि तेरी यादों को न याद करूँ।
बंद आंखों में भी तेरा चेहरा ढल जाता है।

जरूरी नही कि तेरी सूरत देखूं हरदम।
तेरे अहसास से ही दिल बहल जाता है।

अक्सर तुझ से मिलने की जुस्तजू रहती है।
पर व्हाट्स अप से ही काम चल जाता है।
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