Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली



परिचय


गुंजन अग्रवाल

दिनांक 26 नवम्बर, 1984 को बोकारो, झारखण्ड में जन्मे गुंजन अग्रवाल प्राच्यविद्या, भारतीय इतिहास, संस्कृति, धर्म-दर्शन, भारतीय-वाङ्मय, हिंदी-साहित्य, आदि के क्षेत्र में एक सुप्रतिष्ठित नाम हैं। एतद्विषयक शोधपरक निबन्धों, ग्रन्थों में गहरी अभिरुचि रखनेवाले गुंजन अग्रवाल विगत लगभग दो दशक से स्वाध्याय एवं लेखन, संपादन और प्रकाशन के कार्य से सम्बद्ध हैं। इनकी पुस्तकें, शताधिक शोध-निबन्ध एवं आलेख देश की महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं में प्रकाशित व विद्वानों द्वारा प्रशंसित हुए हैं। इस क्षेत्र के देश के मूर्धन्य विद्वानों पर अपनी विद्वत्ता की अमिट छाप छोड़ी है। सन् 1998 से प्रकाशन एवं 2004 में मात्र 20 वर्ष की अवस्था में लेखन-कार्य से जुड़े गुंजन अग्रवाल का साहित्यिक जीवन पटना से प्रकाशित ‘सनातन भारत’ से प्रारम्भ हुआ। ये ‘सनातन भारत’ (हिंदी-मासिक) में संपादक-मण्डल सदस्य; ‘आरोग्य संहिता’ (हिंदी-द्वैमासिक) में उप संपादक; ‘पिनाक’ (हिंदी-त्रैमासिक) में प्रबन्ध-संपादक; ‘पगडंडी’ (हिंदी-त्रैमासिक) में संपादक; ‘इतिहास दर्पण’ (अर्धवार्षिक शोध-पत्रिका) में सह-संपादक और पटना की सुप्रतिष्ठित ‘पटना परिक्रमा’ (हिंदी-वार्षिक पटना बिजनेस डायरेक्टरी) में ‘प्रधान संपादक’ रह चुके हैं। सम्प्रति दिल्ली से प्रकाशित हिंदी-मासिकी ‘दी कोर; में कार्यकारी संपादक हैं। गुंजन अग्रवाल अपने पिता श्री कृष्णमोहन प्रसाद अग्रवाल के द्वारा बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बनाए गये। प्रारम्भ से ही इन्हें साहित्यिक वातावरण प्राप्त हुआ है। इन्होंने 2004-’05 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, पटना महानगर के कोषाध्यक्ष; 2006-’09 तक स्वदेशी जागरण मंच, पटना महानगर के सह-विचार मण्डल प्रमुख; 2011-’12 में भारतीय इतिहास संकलन समिति, दक्षिण बिहार के सह-सचिव तथा 2012 से 2016 तक अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नयी दिल्ली में शोध-सहायक के रूप में कार्य किया। आप ‘बिहार-हिंदी-साहित्य-सम्मेलन’, पटना के संरक्षक-सदस्य और ‘अखिल भारतीय नवोदित साहित्यकार परिषद्’, काशी के सदस्य हैं। इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं : ‘हिंदू इतिहास की स्मरणीय तिथियाँ’ (2006), ‘भगवान् बुद्ध और उनकी इतिहास-सम्मत तिथि’ (2009), ‘महाराजा हेमचन्द्र विक्रमादित्य : एक विस्मृत अग्रदूत’ (2014); उपर्युक्त पुस्तकें देश के ख्यातिलब्ध समीक्षकों द्वारा समीक्षित एवं प्रशंसित हुई हैं। 2008 में इनके द्वारा संपादित ‘महामनीषी डॉ. हरवंशलाल ओबराय रचनावली’ का भी प्रकाशन हुआ है। इनके अतिरिक्त इन्होंने साहित्य भारती प्रकाशन (पटना), वैदिक पब्लिशर्स (नयी दिल्ली) एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना (नयी दिल्ली) से प्रकाशित शताधिक पुस्तकों का अनाम संपादन किया है। गुंजन अग्रवाल ने अनेक प्रादेशिक, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानमालाओं, सम्मेलनों, शिविरों, आदि में सह भागिता की है एवं अनेक में शोध-पत्र वाचन किया है। अनेक शैक्षणिक आयोजनों में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में आमन्त्रित हुए हैं।

www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें