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साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 4, अंक 83, अप्रैल(द्वितीय), 2020

एहसास

पवनेश ठकुराठी ‘पवन‘

विजय अपनी पत्नी के साथ हमेशा लड़ाई-झगड़ा किया करता था, जिस कारण परिवार में कलहपूर्ण वातावरण बना रहता था। एक दिन उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई।

पत्नी के जाने के बाद विजय के कोई भी काम समय पर पूरे नहीं हो पाते थे। यहाँ तक कि कई दिन तक उसे भूखा ही रहना पड़ा था। विजय को पत्नी की अहमियत का अब अच्छी तरह से एहसास हो चुकी था। यही कारण था कि वह कभी न कलह करने की सौगंध खाकर पत्नी को वापस घर बुला लाया था।


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