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वर्ष: 2, अंक 20, सितम्बर(प्रथम), 2017



बादल कहाँ से लाते पानी


डॉ० अनिल चड्डा


 
बादल कहाँ से लाते पानी,
हम को ये बतलाओ नानी,
कभी छमा - छम मेघा बरसें,
कभी तो दो बूंदों को तरसें,
इसके पीछे क्या है कहानी,
हमको ये बतलाओ नानी,
क्यों कर गरजें कारे बदरा,
क्यों कर बिजली चमके नानी,
हमें डराते क्यों ये नानी,
हमको ये समझाओ नानी,
कैसे बादल बन कर छाएँ,
कैसे बरखा ले कर आएँ,
नानी बोली सुनो ऐ बच्चो,
बड़ी पुरानी इनकी कहानी,
नदी - तालाबों में जो पानी,
ऊपर गर्मी से  उड़ जाता, 
बरखा बन कर वही तो पानी,
बाद में फिर पानी बरसाता,
छोटी - छोटी बूँदों से ही,
गहरा बादल बन जाता है,
बादल जब टकराते हैं तो,
गर्जन घनी सुनाते हैं वो,
बिजली भी चमकाते हैं वो,
बारिश का फिर जोर करें वो,
सब के मन को विभोर करें वो,
फिर जो पानी नीचे आता,
बन कर भाप वही उड़ जाता,
छोटी - छोटी बूँदें मिल कर,
बन बादल आकाश पे छाता,
यूँ ही सिलसिला चलता जाता,
पानी आता, पानी जाता,
सदियों से है यही कहानी,
यूँ ही बादल पानी बरसाता ।
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