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वर्ष: 2, अंक20, सितम्बर (प्रथम), 2017



डॉ० रिक लिंडल द्वारा रचित अंग्रेजी पुस्तक 'The Purpose' का हिंदी अनुवाद
अध्याय 1
[.....पिछले अंक से]
"एक और आयाम"


लेखक: डॉ० रिक लिंडल
अनुवादक: डॉ० अनिल चड्डा


इसके बावजूद कि फार्म का जीवन निष्क्रय सा प्रतीत होता था, रिक्की अकेला था, और वह अक्सर असहाय महसूस करता था. वह सोच रहा था कि उसका जीवन कठिन था. उसका बचपन धीरे-धीरे गुजर रहा प्रतीत होता था; वह अपने 12 वर्षीय शरीर को बड़ा होने देने का इंतजार नहीं कर सकता था. वह अक्सर अपने हकलाने पर काबू करने के बारे में पढने और लिखने में अपनी मुश्किलों के बारे में सोचता था.

रिक्की अक्सर हीथर हिल्ल पर पुरानी आत्मा के बारे में सोचता था, बौनी स्त्री ने उसे जो कुछ कहा था, और सपना जिसमें पुरानी आत्मा ने उसे सलाह देने की पेशकश की था. उसके पास निश्चय ही पुरानी आत्मा से पूछने के लिये बहुत से प्रश्न थे, इसलिये, बहुत सोच-विचार के बाद, उसने निश्चय किया कि वह इस रूह के प्रस्ताव को स्वीकार करेगा और हीथर हिल्ल पर जाएगा. कुछ हफ्तों के बाद, एक रविवार की दोपहर को, कोट में अपने मित्र से मिल कर घर लौटते हुए, रिक्की हीथर हिल्ल पर यह देखने के लिये रुक गया कि क्या पुरानी आत्मा उसे दिखेगी जैसा कि उसने उसके सपने में कहा था.

रिक्की घोड़े से थोड़ी घबराहट के साथ उतरा, कुछ समय तक निश्चल खड़ा रहा और कुछ मिनटों के लिये स्वयं को स्थिर किया. वह चट्टान पर गया और, जैसा कि आत्मा ने निर्देश दिया था, गोल-गोल चक्कर काटने लगा – तीन बार घड़ी की सुइयों कि दिशा में और तीन बार विपरीत दिशा में. फिर वह निश्चल खड़ा हो गया, हीथर हिल्ल की ओर मुंह करके, दिमाग में अपने घोड़े, ट्रस्ट, से प्रेम के बारे में एक प्रिय विचार के साथ. एक सुनहरी प्लोवर22 ने लय में चहचहाना शुरू कर दिया, “बी-बी, बी-बी, बी-बी, बी”.

समय ठहर सा गया. एक वैभवशाली चमकीली रौशनी पहाड़ी में से निकली, फिर एक दरवाजा प्रकट हुआ, और उसे सारी पहाड़ी अपने सामने हजारों आत्माओं, जो इन्द्रधनुष के रंगों में दमक रहीं थी, के साथ एक ब्रहमांड की तरह प्रकट हुआ. आत्माएं गोलाकार रूप में थीं, और ऐसा लग रहा था कि वह अपनी दुनिया में होने वाली चीजों में व्यस्त थीं; प्रत्यक्षत: रिक्की की ओर ध्यान दिये बिना अपना कार्य करती जा रही थीं. आत्माएं समूहों में इकट्ठी थीं जो छोटे समुदाय बनाती प्रतीत होती थीं, जबकि दूसरी आत्माएं इन समूहों के बीच किसी उद्देश्य से आती-जाती प्रतीत होती थीं. रिक्की, एक ही क्षण में, हजारों आत्माओं से बसे हुए विशाल ब्रहमांड के बारे में सचेत हो गया था. उसने यह सब एक ही बार में देख लिया था, जैसे कि एक ही आयाम में हो जहाँ विस्तार की कोई सीमा नहीं थी.

उसके सपने वाली पुरानी आत्मा प्रकट हुई और कहा, “अध्यात्मिक आयाम में तुम्हारा स्वागत है. कृपया मेरे निजी अध्ययन कक्ष में आओ, और हम बात करेंगें.”

रिक्की की टाँगे भय से डांवाडोल होती महसूस हो रहीं थीं. वह अध्ययन कक्ष में गया और खुद को कुर्सी के सामने, जहाँ पुरानी आत्मा खुद आराम से बैठ गई थी, पड़े स्टूल पर पटक दिया.

पुरानी आत्मा ने मुस्कराते हुए कहा, “तुम्हारा स्वागत है.....बैठ जाओ!” फिर उसने पूछा, “तुम्हे क्या चीज परेशान कर रही है, मेरे युवक?”

कूछ साहस जुटाते हुए, रिक्की ने हिचकिचा कर हकलाते हुए उत्तर दिया, “मुझे कु-कु-कु-छ प-प-प-रेशानियाँ हैं.”

“कहते हुए डरो नहीं...मैं तुम्हारे हकलाने के बारे में जानता हूँ.”

रिक्की को तत्काल ही महसूस हुआ कि पुरानी आत्मा जानती थी कि उसे क्या चीज परेशान कर रही थी. उसने स्वयं को कुछ विशिष्ट प्रश्न पूछने के लिये तैयार किया, इसलिये उसने कहा,”मेरे कुछ प्रश्न हैं जो तुमसे पूछना चाहूँगा, यदि मैं पू-पू-पू-छ सकता हूँ तो?”

“हाँ,” उसने स्नेह से कहा.

रिक्की ने खुद को संभाला और कहा, “मुझे अक्सर डर लगता है, मुझे अलग और अकेला भी लगता है.”

“मैं समझता हूँ....मुझे और बताओ. तुम्हे डर क्यों लगता है?”

“प-प-प-पानी, मैं हमेशा ही पानी से क्यों डरता रहा हूँ? मैं नदियों से डरता हूँ, और मुझे सुबह दलदल को पार करने में डर लगता है जब मैं गायों को लाता हूँ.”

“हाँ. मैं उसमें तुम्हारी सहायता कर सकता हूँ...लेकिन पहले, मुझे बताओ कि क्या चीजें तुम्हे अलग और अकेला महसूस कराती हैं?”

“म-म-म-मेरी चीजें....उनके बारे में बात करना मुश्किल है.”

“ठीक, किसी ऐसी चीज से शुरू करो जो तुम्हे ज्यादा परेशान नहीं करती.”

“तुम मेरे घोड़े, ट्रस्ट, को जानते हो? मैंने उस पर नंगी पीठ सवारी करना शुरू किया था और फिर कुछ वर्षों पहले, सभी ने मुझे यह कहना शुरू कर दिया कि मुझे काठी का इस्तेमाल करना चाहिए. मैंने कोशिश की, लेकिन वह कभी भी ठीक नहीं लगी. इसलिये, कुछ प्रयासों के बाद, मैंने फिर से उसकी नंगी पीठ पर सवारी करनी शुरू कर दी, और फिर मैंने तब से कभी काठी का इस्तेमाल नहीं किया. मेरे दोस्त सोचते हैं कि यह विचित्र है और इसके बारे में मुझे चिढ़ाते हैं, लेकिन मैं परवाह नहीं करता. लेकिन मैं सोचता हूँ कि मैं इस तरह से अलग क्यों हूँ?”

“मैं समझ गया....अब मुझे कुछ और महत्वपूर्ण बात बताओ जो तुम्हे अलग और अकेला महसूस कराता है.”

“म-म-मेरा हकलाना,” रिक्की ने उत्तर दिया. “जब मैं बोलता हूँ तो मैं ह-ह-ह-हकलाता क्यों हूँ? यह बहुत अपमानजनक है, और मुझे रुलाता है. और मुझे पढ़ने और ल-ल-लिखने में समस्या क्यों आती है? मैं स्कूल में अपने सभी दोस्तों से बहुत पीछे हूँ. मुझे शर्म आती है.”

“हाँ, मैं तुम्हे इन सवालों के भी कुछ जवाब दे सकता हूँ. लेकिन मैं तुम्हे यह बता सकता हूँ कि तुम्हारा एक और प्रश्न है.”

“हाँ. मेरी त्वचा मेरे भाइयों, मेरी चचेरी बहनों, और म-म-म-मेरे सभी दोस्तों से गहरे रंग की क्यों है? मैं अलग दिखना नहीं चाहता. कभी-कभी मुझे ये लगता है कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है. यह मुझे बहुत बुरा लगता है.”

पुरानी आत्मा अब अपनी आरामकुर्सी में पीछे हो कर बैठ गई और कहा, “हम्म...मुझे इसके बारे में सोचने दो. पहले, मैं तुम्हे यह कहना चाहूँगा कि बाहर आने और यहाँ मुझसे मिलने आने के लिये और मुझसे प्रश्न पूछने के साहस के लिये मैं तुम्हारी कितनी प्रशंसा करता हूँ. मैं जानता हूँ कि इसके बारे में बात करना तुम्हारे लिये आसान नहीं है.”

“मैंने यह बात पहले किसी और को नहीं बताई.”

“हाँ, मैं जानता हूँ. मैं यह भी जानता हूँ कि हमारे पास मिलने के और एक-दूसरे को जानने के लिये बहुत अवसर होंगें, यदि तुम्हे वह पसंद हो तो. क्या तुम्हे वह कविता याद है जो बौनी-स्त्री ने तुम्हे सपने में दी थी?”

रिक्की ने, हिचकिचाहट से मुस्कराते हुए, उत्तर दिया, “हाँ.”

“वह कविता विशेष विषयों का आधार है जिनके बारे में मैं तुमसे बात करना पसंद करूंगा. यह विषय जीवन के कुछ मौलिक विषयों के बारे में है, जो, एक बार यदि तुम उन्हें अच्छी तरह से समझ लोगे, तो तुम्हारे शेष जीवन के लिये बहुत ही अधिक सहायक होंगें.”

रिक्की ने संकोचभरी प्रतिक्रिया व्यक्त की, “सच में?”

“मैं तुम्हारे प्रश्नों के कुछ उत्तर दूंगा, लेकिन इससे पहले कि मैं उनका विशेष रूप से उत्तर दे सकूँ, तुम्हे जीवन की प्रवृति के बारे में कुछ सामान्य आवधारणायें समझनी होंगी.”

“ठीक है.”

पुरानी आत्मा ने जारी रखा, “मैं जानता हूँ कि हर कोई जो आइसलैंड में जन्म लेता है स्वत: ही लुथेरण चर्च का सदस्य बन जाता है. मैं यह भी जानता हू कि अगले वर्ष तुम्हे, तुम्हारे सभी मित्रों के साथ, पक्का कर दिया जाएगा, क्योंकि वह ही स्थापित प्रथा है. इसलिये, मैं शुरू में आस्थाओं की प्रवृति की पृष्ठभूमि के बारे में तुम्हे कुछ जानकारी दूँगा, क्योंकि यह तुम्हारे जीवन के प्रति आस्था ही है जो तुम्हारे अनुभवों को निर्धारित करती है.”

रिक्की, अब तक थोड़ा आश्वस्त होते हुए, इस वार्तालाप को दिलचस्प पाने लगा था.

“मैं इस प्रस्तावना से प्रारंभ करता हूँ: यह सभी मनुष्यों के लिये स्वाभाविक है कि वह अनजान के लिये अपनी आस्थाओं को खोजें और उन्हें अपनाएं जो उन्हें उन चीजों के बारे में स्पष्टीकरण देती हैं जो जीवन में होती हैं और उनकी समझ के परे हैं. इन आस्थाओं की प्रकृति सामान्यतया अध्यात्मिक होती हैं, और कई धार्मिक संस्थान इन आस्थाओं के आसपास बनी हैं, जिनमें से प्रत्येक अनजान की अलग व्याख्या करता है. इनमें से ज्यादातर धार्मिक संस्थान यह कहते हैं कि एक सर्वव्यापी, एक सर्वशक्तिमान, और एक अन्तर्यामी आकृति है, जो भगवान की अवधारणा का प्रतिनिधित्व करती है. सभी धर्मों के मौलिक सिद्धांत अनिवार्यतः एक ही जैसे हैं, उनमें से वह सब अपने अनुयायियों को यह विशिष्ट सलाह देते हैं कि उन्हें कैसे शान्ति से एक साथ रहना चाहिए.

“‘जीवन की प्रकृति’ के बारे में विचार, जिसके बारे में मैं तुम्हे बताने जा रहा हूँ, हालांकि धार्मिक नहीं है. यह एक अध्यात्मिक दृष्टिकोण है. तुम इसे सभी धर्मों के पीछे की कहानी ले सकते हो, जो सबके लिये समान है, अगर तुम्हारी इच्छा हो तो.”

“अध्यात्मिक दृष्टिकोण क्या है?”

“अध्यात्मिक दृष्टिकोण का मौलिक विचार जो मैं तुम्हे बताऊंगा वह यह है तुम एक ही समय में अध्यात्मिक आयाम में भी रहते हो, या जिसे तुम ‘स्वर्ग’ कह सकते हो, और धरती पर तुम्हारा वर्तमान जीवन एक शैक्षणिक यात्रा है जो तुम्हे अपने बारे में सीखने का अवसर प्रदान करेगा, ताकि तुम अंततः अध्यात्मिक रूप से विकसित हो सको.”

“मैं अपने जीवन के बारे में उस रूप में कभी नहीं सोचा. क्या तुम यह कह रहे हो कि मेरे दो अलग-अलग जीवन हैं – एक अध्यात्मिक आयाम में और दूसरा धरती पर?”

“हाँ भी और नहीं भी. धरती पर तुम्हारा जीवन अलग है और तुम्हारे उस जीवन से अलग है जो अध्यात्मिक आयाम में है, फिर भी तुम एक ही आत्मा हो और तुम्हारा अस्तित्व एक ही साथ यहाँ इस ग्रह पर एक भौतिक आयाम में है और गैर-भौतिक अध्यात्मिक आयाम में भी है. लेकिन मैं इसके बारे में तुम्हे बाद में बहुत कुछ बताऊँगा.”

“ठीक है....लेकिन इससे पहले कि तुम रुको क्या मैं तुमसे पूछ सकता हूँ: एक धर्म में विश्वास करने में और एक अध्यात्मिक दृष्टिकोण होने में क्या अंतर है?”

“यह आवश्यक नहीं है कि जीवन का अध्यात्मिक दृष्टिकोण धार्मिक दृष्टिकोण जैसा हो. बहुत सारे धर्म हैं, और उनकी अपनी विशिष्ट कहानी है. उन सब में, हालांकि, जो समानता है, वह यह है कि प्रेम का अध्यात्मिक दृष्टिकोण और अपने अनुयायियों को निर्देश देना कि वह दूसरों के साथ सह्रदयता से रहें. अध्यात्मिक दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति ने सारे इतिहास में सबसे सुंदर कला को प्रेरित किया है, जो प्रेम के लक्षण की भांति और मनुष्यों की अपने भगवानों के प्रति, भगवान के लिये, या उसके लिये जो सब कुछ है, जो भी है, उनके धर्म पर निर्भर करते हुए, भक्ति का काम करता है.”

“लेकिन मैंने स्कूल में पढ़ा था कि रिचर्ड द लायनहार्टड मुस्लिमों को मारने के लिये जेरूसलम गया था क्योंकि वह ईसाई नहीं थे.”

“तुम सही हो. सभी धार्मिक लोग अपने धर्मों के सिद्धांतों पर नहीं चलते और लाखों की धर्म के नाम पर हत्याएं की गई हैं. इस समस्या का सम्बन्ध राजनीति और शासन से है और अलग-अलग चर्चों में प्रभुत्व की होड़ में, अपने और अपने अनुयायियों में मतभेद पैदा कर लेते हैं. तुम्हारे लिये यह समझना महत्वपूर्ण है कि अध्यात्मिक मूल्य धर्मों में लड़ाई के स्रोत नहीं हैं; इनका सम्बन्ध शासन की राजनीति से है.”

“मेरे विचार से मैं समझता हू.”

“एक विशेष धार्मिक आस्था का सदस्य न होने पर भी एक अध्यात्मिक दृष्टिकोण रखने में कोई टकराव नहीं है. लेकिन मैं तुम्हे इन मुद्दों के बारे में और बाद में बताऊंगा, यदि तुम चाहो तो.

“अब, अध्यात्मिक अस्तित्व की पृष्ठभूमि के बारे में इस थोड़ी सी जानकारी के साथ, मैं तुम्हारे प्रश्नों के कुछ उत्तर दूँगा. बाद में, मैं तुम्हे तुम्हारी रूह और भौतिक संसार के बारे में जिसमें तुम रह रहे हो कुछ गृहकार्य दूँगा, जिसका तुम बाद में अध्ययन कर सकते हो.”

रिक्की ने विनम्रता से कहा, “धन्यवाद.”

रिक्की अब तक सहज हो गया था. पुरानी आत्मा की प्रेम भरी उर्जा महसूस की जा सकती थी, और यह उसके अस्तित्व की प्रत्येक भावना को प्रभावित कर रही थी. वह उत्सुक था कि पुरानी आत्मा को उसके प्रश्नों के बारे में क्या कहना था, क्योंकि उसने कभी भी अपनी चिंता को पहले किसी से नहीं कहा था.

पुरानी आत्मा ने जारी रखा, “पानी के डर के लिये और अपने घोड़े पर नंगी पीठ सवारी करने की तुम्हारी दृढ प्राथमिकता के बारे में उत्तर तुम्हारे पूर्व-जन्म से सम्बन्ध रखते हैं, और तुम्हारे हकलाने, शैक्षणिक प्राथमिकता, और त्वचा के रंग का सम्बन्ध, तुम्हारे वर्तमान जीवन में, तुम्हारे भविष्य से है.

“पानी से तुम्हारे डर का कारण, जिसमें गीली दलदल की भूमि और तंग नालों को पार करना भी शामिल है, का सम्बन्ध तुम्हारे पिछले जीवन से है. तुम्हे यह याद नहीं है, लेकिन तुम

आइसलैंड के इस क्षेत्र में एक जीवन जी चुके हो. तुम 1100 इसवी के आसपास एक किसान थे, जब तंग नाले में डूबने के कारण तुम्हारी अचानक मौत हो गई थी. उस समय तुम एक वृद्ध व्यक्ति थे, और तुम वसंत ऋतु में इसी मैदान से जाते हुए बर्फ के पिघलने से बर्फ पर फिसल गये थे. तुम एक तंग नाले में गिर गये थे और डूब गये थे. इस मृत्यु की तुम्हारी अचेतन याददाश्त जब तुम इस दलदल से गुजरते हो तो फिर से उभर आती है, और यही तुम्हारे डर का स्रोत है.”

रिक्की विस्मित था. “वोऊ!”

“अपने घोड़े की नंगी पीठ पर सवारी करने के बारे में तुम्हारे प्रश्न के उत्तर में – फिर से, इसके लिये तुम्हारी पसंद तुम्हारे 18 सदी के प्रारंभ के वर्षों से निकलती है. तुम उत्तरी अमेरिका में एक हिन्दुस्तानी थे. तुम घोड़ों से प्यार करते थे और अपने जीवन का अधिकतम समय घोड़े की पीठ पर व्यतीत करते थे, हमेशा नंगी पीठ पर सवारी करते हुए, जैसा कि तुम्हारे कबीले में रिवाज था.”

“ ‘पिछला जीवन’ वास्तव में क्या है?”

“तुम अपने जीवन में बाद में पूर्व जन्मों के विशेषज्ञ बन जाओगे, और मैं उसके बारे में बाद में और बताऊंगा. अब के लिये, तुम्हे बस ये ही जानना आवश्यक है कि तुम एक बहुत पुरानी आत्मा हो, और तुमने धरती पर दर्जनों जीवन जीये हैं”.

पुरानी आत्मा ने जारी रखा, “अब, मैं तुम्हारे बाकी प्रशनों का, जो तुम्हारी अलग होने की भावनाओं से और तुम्हारे अकेले होने से सम्बन्धित है, उत्तर दूँगा. तुम्हारा हकलाना स्वयं का थोपा हुआ है. तुमने यह समस्या विशिष्ट रूप से यह कष्ट भुगतने के लिये पैदा की है.”

हैरान होते हुए, रिक्की ने पूछा, “क्या?”

“इस कष्ट के माध्यम से, तुमने उनके लिये, जो भावनात्मक रूप से तुमसे भी अधिक संघर्ष करते है जितना कि तुम्हे करना पड़ता, पहले एक बहुत गहरा मूल्याँकन कर लिया है. यह अनुभव तुम्हारे लिये बहुत लाभप्रद रहेगा जब तुम अपना पेशा शुरू करोगे और चिकित्सक की भान्ति उन लोगों की सहायता करोगे जो भावनात्मक समस्याओं से गुजर रहे होंगें.”

“लेकिन मेरा विचार बड़े हो कर पशु-चिकित्सक बनने का है.”

“तुम्हारा पशुओं के लिये प्यार हमेशा तुम्हारे साथ रहेगा, और तुम्हारा काम हमेशा दूसरों का इलाज करने और सहायता करने पर केन्द्रित रहेगा. मैं जानता हूँ कि यह तुम्हे थोड़ा सा परेशान करता है, लेकिन मैं तुम्हे अब बताऊंगा, कि जब तुम बड़े होगे तो तुम्हारा ध्यान पशुओं से मनुष्यों की ओर चले जाएगा.”

रिक्की, गहरी सोच में डूबा हुआ, बडबडाया, “मैं देख रहा हूँ.”

पुरानी आत्मा ने मृदुलता से कहा, “मैं तुम्हारे और प्रश्नों का उत्तर देता हूँ.

“पढने और लिखने में समस्या आने के बारे में तुम्हारे प्रश्न के उत्तर में मुझे यह कहना है कि यह स्थिति भी तुम्हारी अपनी ही थोपी हुई है. यह एक मानसिक विकार की बीमारी की हालत है जिसमें पढने-लिखने में कठिनाई होती है. जैसा कि तुम्हारे हकलाने के साथ है, पढ़ने और लिखने में इस तरह का संघर्ष तुम्हे इस काम में कठोर परिश्रम की आवश्यकता को, जो इस कठिनाई को पार पाने में चाहिए, समझने में सहायता करेगा.

“और अंत में, तुम्हारे अंतिम प्रश्न के उत्तर में, जो इसके बारे में है कि तुम्हारी गहरे रंग की त्वचा के कारण तुम अलग क्यों हो, यह भी स्वयं का ही थोपा हुआ था. तुम जानते थे कि इस तरह से अलग दिखने का तुम्हारा अनुभव दूसरों के लिये, जो गहरे रंग की त्वचा के हैं, गहरी संवेदनशीलता, और उसके ही साथ दूसरी जातियों के लिये, गहरी संवेदनाशीलता देगा. यह भविष्य में तुम्हारे लिये महत्वपूर्ण भी प्रमाणित होगा, जब तुम चिकित्सक के रूप में काम करोगे.”

रिक्की के आत्मसात करने के लिये यह बहुत सारी जानकारी थी. उसे भौचक और हक्का-बक्का लग रहा था. पुरानी आत्मा रिक्की के विस्मयकारी भाव से देख पा रही थी कि उसका कप भर चूका था, जैसा कि कहते हैं, और यह कि उसके पास वह सारी जानकारी थी जिसे वह पहली बैठक में संभाल सकता था.

पुरानी आत्मा उसकी ओर गई और उसे एक कैप्सूल पकडाया और कहा, “इस कैप्सूल में एक ‘विचार का गट्ठा’ एक पाठ के रूप में है. जब तुम आज रात को सो जाओगे तो मैं इस कैप्सूल की सामग्री को खोलने में तुम्हारी सहायता करूंगा. मुझे विश्वास है कि तुम इसे दिलचस्प पाओगे.”

रिक्की ने कैप्सूल ले लिया और कहा, “मुझसे मिलने का और मुझे इतनी सारी जानकारी देने का शुक्रिया.”

पुरानी आत्मा मुस्कराई और स्नेह से उत्तर दिया, “तुम्हारा स्वागत है.” रिक्की की जिज्ञासा जाग चुकी थी. जैसे ही वह चलने को हुआ, उसने पुरानी आत्मा से कुछ और प्रश्न पूछने का निर्णय लिया, और कहा, “तुम्हारी मित्र, बौनी स्त्री, ने मुझे बताया था कि तुम एक रूह हो और यह कि तुम एक अध्यात्मिक आयाम में रहते हो?” “वो तो मैं हूँ, यहाँ जब तुम मेरे अध्ययनकक्ष में बैठे हुए हो, तुम अध्यात्मिक आयाम की झलक ले रहे हो.”

रिक्की ने जारी रखा, “मेरी माँ ने एक बार मुझे बताया था कि उसके पिता जो कुछ वर्षों पहले मर गये थे उसके ‘फिलगजा’25 हैं और ये वह उसके पूर्वाभास को बढ़ा कर उसे अध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं जब वह किसी भी चीज के लिये अनिश्चित सा महसूस करती है.” “क्या तुम भी ऐसा करते हो?” “क्या तुम फिलगजा हो?”

“हाँ, अपने दूसरे कर्तव्यों के साथ, मैं इस तरह का काम करने का आनन्द उठाता हूँ.”

रिक्की, जो अब पुरानी आत्मा से निकल रहे प्रेम भरे अभिप्राय से उत्साह से भरा हुआ महसूस कर रहा था, ने पूछा, “क्या तुम मेरी मार्गदर्शक रूह बनोगे, मेरे फिलगजा बनोगे?”

पुरानी आत्मा मुस्कराई. “हां, यदि तुम चाहो तो. मैं तुम्हारा पूर्वाभास बढ़ा कर हरेक मामले में तुम्हारा मार्गदर्शन करूंगा, लेकिन मैं तुम्हे कभी कुछ नहीं बताऊंगा कि क्या करना है.”

रिक्की को अपने कन्धों का बोझ हल्का होता हुआ महसूस हुआ, और उसने चैन से उत्तर दिया,”धन्यवाद”.

“यह मेरा सौभाग्य है.”

पुरानी आत्मा अब खड़ी हो गई और बोली, “मेरे विचार से हमारी पहली बैठक के लिये यह काफी है; अब हमें अंत करना चाहिए.”

रिक्की ने आतुरता से पूछा, “क्या हम दोबारा मिल पायेंगें?”

“अब से, मैं तुम्हारा फीलगजा होऊंगा. लेकिन यदि तुम मुझसे मिलना चाहोगे और वैसा ही वार्तालाप करना चाहोगे जैसा आज हुआ है, तो तुम्हे यहाँ हीथर हिल्ल पर मुझसे मिलने आना होगा.”

“धन्यवाद. मैं ऐसा ही करूंगा.”

रिक्की खड़ा हो गया, और, जैसे ही वह अध्ययनकक्ष से बाहर निकलने के लिये मुड़ा, एक शक्तिशाली ताकत ने उसे आगे की ओर फेंका. एक ही क्षण में वह हीथर हिल्ल के बाहर खड़ा था, हक्का-बक्का महसूस करता हुआ. अजीब बात यह थी कोई समय व्यतीत हुआ प्रतीत नहीं हो रहा था. उसका घोडा, ट्रस्ट, बिलकुल उसी दशा में खड़ा था. सुनहरी प्लोवर का चहचहाना जो उसने पहाड़ी के खुलने पर सुना था वैसी ही था, और इस लय में जारी था, “बी, बी-बी, बी-बी.” फिर भी एक रहस्यमयी मुलाक़ात हुई थी, और रिक्की ने एक ही क्षण में, जो रौशनी की गति से भी अधिक गति से बीत गया लग रहा था, बहुत सारी जानकारी ले ली थी.

कुछ मिनटों तक सोचने के बाद कि क्या हुआ था, रिक्की धोड़े पर चढ़ गया और वापिस घर के लिये चल पड़ा. उसने पिछले जन्म के बारे में इससे पहले कभी नहीं सुना था. वह इस बात से भी प्रभावित हुआ था कि पुरानी आत्मा न तो पुरुष लग रही थी और न ही स्त्री; रूह का कोई विशिष्ट लिंग नहीं प्रतीत होता था. तिस पर भी, आत्मा सम्पूर्ण चेतनावस्था में लग रही थी और उतनी ही वास्तविक लग रही थी जितना कि कोई और व्यक्ति जिससे वह मिला था. पूर्व-जन्म के बारे में और उसके पानी और दलदल से डर के बारे में जो जानकारी उसे मिली थी वह उपयोगी थी, जैसे यह जानना कि वह पूर्व-जन्म में अमेरिकन हिन्दुस्तानी हुआ करता था. जब वह घर जा रहा था और अपने पूर्व-जन्म में हिन्दुस्तानी होने के बारे में सोच रहा था, उसे याद आया कि उसकी माँ ने एक बार उसे बताया था कि उसके पास एक लिखित सबूत था कि वह ओस्सोला की बहन की पड़पौती थी. अट्ठारवीं सदी के मध्य के दशकों में ओस्सोला फ्लोरिडा के एवरग्लैडस में सेमीनोल हिन्दुस्तानियों का एक प्रसिद्ध योद्धा था. उसका दूर का खून का रिश्तेदार हिन्दुस्तानी था; उसकी धमनियों में वास्तव में हिन्दुस्तानी खून बह रहा था. इससे उसे आनन्दित महसूस हो रहा था.

पुरानी आत्मा के बाकी प्रश्नों के उत्तरों को स्वीकार करना ज्यादा कठिन था और खासकर वह उस क्षण में उपयोगी नहीं थे. रिक्की ने कभी भी चिकित्सक बनने के बारे में या दूसरे लोगों की समस्याओं पर काम करने के बारे में नहीं सोचा था. वह हमेशा से ही एक पशु-चिकित्सक बनना चाहता था, ज़ख्मी पशुओं की सहायता करने के लिये. यह भी उसकी समझ से बाहर प्रतीत हो रहा था कि उसने स्वयं ही हकलाने और पढ़ने लिखने में अपनी समस्या को चुना था. निश्चय ही दया भाव के गुण विकसित करने और परिश्रम करने के दूसरे आसान रास्ते होंगें?

रिक्की गायों को शाम का दूध निकालने के लिये वापिस लाने के लिये घर समय पर पहुँच गया. उसने हीथर हिल्ल पर इस घटनात्मक दिन के बारे में किसी को नहीं बताया. रात के खाने के बाद, और अपना काम ख़त्म होने के बाद, रिक्की अपने शयनकक्ष में गया, अपनी रात्रि की मेज पर तेल का दीया, और बिस्तर में लेट कर, जो कुछ पुरानी आत्मा ने उससे कहा था उसके बारे में सोचता रहा. थोड़ी देर बाद, लैंप की बत्ती को नीचे करके जब तक कि वह बुझ नहीं गई, वह नींद में डूब गया.

[क्रमशः........(अगले अंक में पढ़ें "आपके भौतिक अस्तित्व का उद्देश्य ")]
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