Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 25, नवम्बर(द्वितीय), 2017



हाइकु


अशोक बाबू माहौर


 (1) 
चादर छोटी 
पाॅव पसारे मामा 
मामी डाँटती। 
 (2)
घर अंधेरा 
दीप जले धुंधला 
रोशनी कहाॅ। 
 (3)
आँगन सूना 
बच्चे नहीं घर में 
उदास मुख। 
 (4)
बाजार भीड
सड़क टेडी मेडी 
कीचड भारी। 
 (5)
दुखी जीवन 
माँ बाप परेशान 
बेटा गुमानी। 
www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें