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वर्ष: 2, अंक 24, नवम्बर(प्रथम), 2017



एक एक दीप जलायेगे


प्रिया देवांगन "प्रियू"




चलो मनायें खुशियाँ साथियों, मिलकर दीप जलायेगे । हर घर में उजियारा लाकर , खुशियाँ साथ मनायेंगे । पढ़ लिखकर सब आगे बढे, अज्ञानता को मिटायेंगे । हर हाथ को काम मिले , देश को आगे बढायेंगे । चमक उठे सबका किस्मत, ऐसे दीप जलायेगे । दूर करें हम अंधकार को , सबको राह दिखायेंगे । भेद भाव को दूर करेंगे, मन में कपट न लायेंगे । जब तक दूर न हो जाये अंधेरा, एक एक दीप जलायेगे ।



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