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वर्ष: 1, अंक 10, अप्रैल, 2017



अखबार वाला

प्रिया देवांगन

सुबह सुबह से अखबार लिये 
घूम रहे हैं  गलियों में ।
अखबार ले लो भैया 
आवाज लगाये शहरों में ।

सर्दी गर्मी बरसातो में 
अखबार लेकर आते, 
एक एक पैसा जोड़ जोड़
पना जीवन चलाते ।

नया नया ताजा खबर 
लोगों को दे जाते ,
बच्चे बूढ़े या युवा हो
सबका ज्ञान बढ़ाते ।

चाय की चुस्की लेते बाबा 
रोज अखबार पढ़ते 
देश दुनिया की खबरों को
सब पर नजर रखते ।

सुंदर पक्षी 
बहेलियो से डर
मां बतलाती ।

जाल फैलाते 
दाने का लोभ देते
झट फसाते।
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