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वर्ष: 1, अंक 10, अप्रैल, 2017



चिड़िया

महेंद्र देवांगन "माटी"

लाती तिनका
बनाती हैं घोसला 
बच्चे पालती ।

दाना चुगाती
चींव चींव करती 
भूख मिटाती।

पंख फैलाती
उड़ना भी सीखाती
चिड़ियां रानी।

नीड़ बनाती 
बच्चे चहचहाते
शोर मचाते।

प्यार करती
चहकती चिड़ियाँ 
खुश रहती।


सुंदर पक्षी 
बहेलियो से डर
मां बतलाती ।

जाल फैलाते 
दाने का लोभ देते
झट फसाते।
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