Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 1, अंक 10, अप्रैल, 2017



तेरी यादें

डॉ०अनिल चड्डा

हम तो ले जायेंगे अपने साथ तेरी यादें,
तुम रोओगे यहीं हमें याद करते-करते ।

कहाँ से लाऊं खुशियाँ मैं दिल तेरे लिये,
बर्बाद हो गया मैं आबाद होते-होते ।

जाने कितना दर्द छुपाये है सीना मेरा,
बीत गई उम्र मेरी यह भार ढोते-ढोते ।

सैलाब इन आँसुओं का अब रोके न बने,
आँख भी सूख गई दिन-रात रोते-रोते ।

‘अनिल’ ले जाये कहाँ आरजू तू ही बता,
ख्वाब भी नहीं आते अब सोते-सोते ।
www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें