Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 1, अंक 3, 14 सितम्बर, 2016

हिंदी दिवस विशेषांक


कविता


रवि शंकर प्रसाद


डेवलपमेंट

बाबूजी बोले
बेटा जीवन में पेड़ की तरह बने रहना ,
हर मुसीबत में तने रहना l
बेटा बोला ,
"
पेड़ तो हम बन जायेंगे पर जीने के लिए
धूप, हवा और पानी कहाँ से लाएंगे ?
बिल्डिंग और मोटरों से जगह इतना कम हो गया
कि मेरा खड़ा रहना भी एक गम हो गया !
गाँव में जितना जानवरों से डर नहीं था
उससे कही ज्यादा यहाँ इंसानो से डर है l
कब ?
कौन ?
किधर से आएगा ?
हमे मारकर
डेवेलपमेंट का बोर्ड लगा जायेगा l "

-       रवि शंकर प्रसाद


कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें
www.000webhost.com