Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 1, अंक 3, 14 सितम्बर, 2016

हिंदी दिवस विशेषांक


कविता


अंजनी श्रीवास्तव


 

                                                          सर्वश्रेष्ठ

-    अंजनी श्रीवास्तव

                   M: 9819343822 


आदमी अगर मानसिक यंत्रणाओं  से

होकर गुजर रहा हो ,
अभावों से जूझ रहा हो
असफलताओं  से हाथापाई  कर रहा हो 

 या मनोनुकूल  कुछ  भी कर पा रहा हो
तब धूप की  स्फूर्तिदायक  किरचें  भी

रक्त सोखती  सी लगती  हैं
मौसम मनहूसियत  की मफलर  से

गला कसने लगता है
हर चेहरा  अजनबी और

हर परिचित  संदेह जनक  लगता है
वक्त  गुजरने का नाम नहीं लेता
साल सदियों  के लिबास  में दिखता है
हम खुद को दुनिया  का सबसे

दुखी व्यक्ति मान बैठते हैं
मगर एक दौर ही जाता है
जब सारी पीड़ायें  ,सारे संताप  छू -मंतर  हो जाते हैं
जो चुभते  थे ,वो गुदगुदाने  लगते हैं ,

यह सब दुनिया  का  सर्वश्रेष्ठ  चिकित्सक 

 समय  करता  है ,जो बुलाने पर नहीं ,

अपनी मर्जी से  आता  है.


कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें
www.000webhost.com