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साहित्यसुधा


साहित्यकारों की वेबपत्रिका

साहित्य की रचनास्थली


वर्ष: 2, अंक 39, जून(द्वितीय), 2018

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुनर्प्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्यसुधा में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्यसुधा टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।

साहित्यसुधा एक सम्पूर्णतः साहित्यिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य सभी रचनाकारों को प्रोत्साहित करके हिंदी को बढ़ावा  देना है | इसके माध्यम से हिंदी साहित्य की सभी विधाओं को सम्मिलित करने का प्रयास किया जाएगा। साहित्यसुधा

सम्पादकीय मंडल:-
सम्पादक - डॉ०अनिल चड्डा
सह-सम्पादक - अखिल भंडारी


साहित्यिक समाचार
अरुण अर्णव खरे के कहानी एवं व्यंग्य संग्रह का लोकार्पण


भोपाल: माध्यमिक साहित्यिक संस्थान एवं गया प्रसाद खरे स्मृति साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन मंच, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में दो जून को भोपाल स्थित शहीद भवन सभागार में भोपाल के वरिष्ठ रचनाकार श्री कनिका अरुण अर्णव खरे की व्यंग्य कृति "हैश, टैग और मैं" तथा कहानी सँग्रह 'भास्कर राव इंजीनियर" का लोकार्पण किया गया | इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता पद्म श्री डॉ नरेंद्र कोहली ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पद्म श्री डॉ ज्ञान चतुर्वेदी उपस्थित थे |

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अट्टहास एवं शांति-गया स्मृति सम्मान का गौरवशाली आयोजन


गया प्रसाद खरे स्मृति साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन मंच, भोपाल के तत्वावधान में शांति-गया स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन दो जून को भोपाल में शहीद भवन सभागार में किया गया | इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता पद्म श्री डॉ नरेंद्र कोहली ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पद्म श्री डॉ ज्ञान चतुर्वेदी उपस्थित थे |

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*राजेश पुरोहित"साहित्य अभुदय सम्मान से सम्मानित"*
साहित्य सुधा के रचनाकार का इंदौर में सम्मान


भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्नेलन व साहित्यकार सम्मान समारोह में भवानीमंडी के कवि,साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित" को "साहित्य अभ्युदय सम्मान 2018" से सम्मानित किया गया।

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जानें अपनी प्रसन्नता को कैसे बढायें -
पढ़ें डॉ० अशकान फरहादी द्वारा रचित एवँ डॉ० अनिल चड्डा एवँ अन्य द्वारा अनुवादित पुस्तक का 11वाँ भाग
"प्रसन्नता का विकास"

  

स्वीकृत बनाम अर्जित प्रसन्नता
सम्पादक की ओर से
"रहना न सोते "


वक्त के साथ चले होते
तो यूँ न रोते
राह में मिल रही मंजिलें
तो न खोते

कौन कहता था तुम्हे
तुम कायल नहीं थे
अपने ख्यालों से ही
क्या घायल नहीं थे
पार पाते खुद से
तो खाते क्यों गोते

 कोई साथ चले न चले
 भार अपना खुद ही ढोयें
अपने छालों की मवाद
तो हम खुद ही धोयें,
थक न जाना 
भार अपना खुद ही ढोते

एक सांस जाती
तभी है दूजी आती
जिंदगी कुछ खोके ही
है जीवन पाती
सपनों की दुनिया में
रहना न सोते।
     - डॉ० अनिल चड्डा
अब तक.......


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बच्चों का कोना|

आपके पत्र


अरुणकान्त - 

साहित्य सुधा का जून प्रथम अंक अच्छा लगा| 
कुछ कवितायेँ, गजल और कहानियों ने मन 
को छू लिया|

डॉ० सौरभ दत्ता -
डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी द्वारा लिखित कविता 
"दर्द से रुक मत जाना" दिल को छू गई। इतनी 
बढिया कविता लिखने के लिए आप बधाई के पात्र हैं। 
 
अशोक आंद्रे -

आपके द्वारा प्रेषित सहित्य सुधा का जून प्रथम 
अंक प्राप्त हुआ.सभी रचनाएँ स्तरीय हैं जो पूरे 
समय पाठक को बांधें रखने में सक्षम हैं. इतनी 
श्रेष्ठ रचनाओं को पढवाने के लिए आपका आभारी 
हूँ.तथा मेरी ओर से शुभकामनाएँ स्वीकारें.


देवेन्द्र कुमार मिश्रा -

श्री राजेश भण्‍डारी जी द्वारा लिखी गई कविता 
नहीं भूल पाता हॅू पढी आपके द्वारा पुरानी 
विरासत के बारे  में बहुत मनोरम वर्णन किया 
गया है  आज यह हमारी धरोहर है पुरानी बाते 
जो भी कहीं  या लिखी गई है वह वास्‍तव में आज 
के परिप्रेक्ष्‍य में सही रूप से चरितार्थ हो  रहीं हैं 
शहर का जीवन वहुत तेज गति से चलाये मान 
है एक पडोसी दूसरे पडोसी को नहीं पहचानता 
किन्‍तु गॉव में जब कभी किसी के रिश्तेदार आ 
जाते थे तो सारा गॉव उन्‍हें अपना ही रिश्तेदार मान 
कर उनका सम्‍मान किया करता था मैनें भी इस 
बारे में 2 लाईन बुन्‍देलखण्‍डी भाषा में लिखी थी


पशुधन मिलत दहेज हतो तो दूध दही घी खावे । अब तो टीवी मिलन लगो है, घर में आग लगावे ।। टीवी को ऐसो प्रभाव बीमारी सो हो गओ। किस्सा कहानी भूले बिसरे मन फ़िलमन में खो गओ।।

  
कमला घटाऔरा -

सम्माननीय साहित्य सुधा के सम्पादक 
जी , नमस्कार ।

आप की यह पत्रिका दिन प्रतिदिन रोचक 
और पठनीय हो रही है ।आप का हिन्दी 
साहित्य के लिये किया यह कार्य सराहनीय है । 
पाठकों को नये नये लेखको की रचनाओं 
से अवगत ही नहीं कराते बल्कि नये रचनाकारों 
की रचनायों को छाप कर उनको भी प्रोत्साहित 
करते हैं ।जून प्रथम अंक काफी मूल्यवान 
सामग्री लेकर आया ।कथा 
लघुकथा बहुत अच्छी लगी ।पर्यावरण पर 
नरेन्द्र श्रीवास्तव की रचनायें मोह गई । 
‘ मेरी बात सुन जाओ बाबू ‘और सुरसा 
मर्म को छू गई ।….और सपना परिहार की 
मासूम सी इच्छा बड़ी प्यारी लगी , ‘सुसराल में 
भी एक मायका होना चाहिये ‘।
डॉ. सुरेन्द्र वर्मा जी की ‘ तांका की महक’ 
संकलन की समीक्षा ज्ञानवर्धन के साथ संकलन 
को पढ़ने की प्रेरित कर रही है ।कुल मिला 
कर जून के प्रथम अंक ने सच में साहित्य सुधा 
का पान करा दिया ।
कई दिनों से पढ़ रही हूँ ,आनंद ले रही हूँ ।
 
बधाई स्वीकारें और शुभकामनायें भी । 
यह सफर यूँ ही चलता रहे ।

अर्चना पैन्यूली 
डेनमार्क 

वेबपत्रिका साहित्यसुधा पर डा मधु संधु जी  
द्वारा वीजा, पासपोर्ट पर लिखी 
महिला कथाकारों की कहानियों की 
प्रभावशाली समीक्षा पढ़ी. 

मन गदगद हो गया.

 धन्यवाद.    



 
     
इस अंक में
कवितायेँ


1.अभिषेक कांत पाण्डेय -

(i)Hello: बदलना जारी
(ii)ज्वालामुखी
(iii)एक कहानी

2.डॉ०अनिल चड्डा -

(i)मौत का स्वरूप

3.अनिल खन्ना -

(i)उम्मीद की उँगली

4.डॉ आरती कुमारी -

(i)रमज़ान के अवसर पर एक नात

5.भास्कर चौधुरी -

(i)इनके अलावा भी दुनिया ...
(ii)कराची में बच्चे
(iii)मन्टू

6.बृजेश पाण्डेय 'बृजकिशोर' -

(i)मणि मुक्ता

7.देवेन्‍द्र कुमार मिश्रा -

(i)मानव मन

8.डॉ दिग्विजय शर्मा "द्रोण" -

(i)मैं शक्ति हूँ

9.गरिमा -

(i)राजनीति के खेल निराले



10.कवि जसवंत लाल खटीक -

(i)धरती माँ की पुकार -
विश्व पर्यावरण दिवस
 5 जून पर समर्पित

(ii)दो जून की रोटी
(iii)इंसान और प्यास

11.कमला घटाऔरा -

(i)फूल का संदेश


12.डा० कनिका वर्मा -

(i)नीरा

13.केशव कुमार मिश्रा"सम्राट" -

(i)महंगाई जाम


14.महेन्द्र देवांगन "माटी" -

(i)पेड़ों को मत काटो

15.मोनिका कुमारी -

(i)संघर्ष और प्रेम

16.नरेन्द्र श्रीवास्तव -

(i)" फादर्स डे " परबाबूजी


17.नीतू शर्मा -

(i)अस्तित्व




18.पीताम्बर दास सराफ "रंक" -

(i)बिछोह पोती का


19.डॉ. प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ -

(i)पर्यावरण बचाना है


20.प्रिया देवांगन "प्रियू" -

(i)पर्यावरण बचायेंगे


21.राजेश भंडारी “बाबु “ -

(i)मालवी कविता -
 वा कोई नि म्हारी बई थी


22.रामदयाल रोहज -

(i)गरमी आई है
(ii)मरुधर मुस्कुराता है

23.रवि प्रभात -

(i)आँखे कुछ बोलती हैं


24.सविता अग्रवाल “सवि’ -

(i)सावन


25.सीमा असीम सक्सेना -

(i)माँ


गीत, गज़ल, इत्यादि


ग़ज़लें

1.विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र'
-

(i)दादी माँ...

2.योगेन्द्र कुमार निषाद

(i)आजकल तू इधर नही आती
(ii)ख़ाब हमको .दिख़ा गया कोई

नज़्में


1.डॉ०अनिल चड्डा

(i)दिल जलाने वाली
 बातें तो न किया करो


2.हेमंन्त सिंह


(i)चुनाव नहीं ,अब
 तो ये व्यापार हो गया


गीत


1.डॉ०अनिल चड्डा -

(i)दिल पत्थर क्यों नहीं हो जाता



....गीत

2.डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी
-

(i)जंग लगे सारे विधान हैं

हाइकु


1. अशोक बाबू माहौर -

(i)आवाज नहीं ...

2. नरेन्द्र श्रीवास्तव -

(i)आँखों के घड़े...

3. पुष्पा मेहरा -

(i)सुबह–शाम ...

4. सुशील कुमार शर्मा -

(i)चढ़ता पारा ...



दोहे

1. शुचि 'भवि' -

(i)धीरज धरना सीख तू.....

बच्चों का कोना


1. डॉ. प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ -

(i)पर्यावरण का विस्तार

2. प्रिया देवांगन "प्रियू" -

(i)रेल

3. उमाशंकर सैनी -

(i)आओ चले स्कूल हम..........

छंद


1. सुशील कुमार शर्मा -

(i)प्रमाणिका छंद

आलेख, कहानियाँ, व्यंग्य, इत्यादि
लघुकथायें


1.डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी -

(i)निर्भर आज़ादी

2.नज़्म सुभाष -

(i)नमक का घोल
(ii)तलाक का तोहफा

3.डाॅं श्रीमती नीना छिब्बर -

(i)भूल सुधार
(ii)पिपलिया भूत

4.राजीव कुमार -

(i)खरीदार
(ii)मेरा ‘मैं’

5.श्रद्धा मिश्रा -

(i)अंतर्द्वन्द

पुस्तक समीक्षा


1.डॉ रीता सिंह(लेखिका)

डॉ अविनाश कुमार (समीक्षक)
-

(i)"अन्तर्वेदना " काव्य संग्रह

2.डॉ. सुबोध कुमार शांडिल्य

(i)‘सम्पत में विपत और दीनता में राम’का औचित्य

कहानियाँ


1.आनंद कुमार -

(i)चाय गरम चैय, चाय गरम चाय...

2.तुलसी तिवारी -

(i)वसूली

हास्य-नाटक


1.दिनेश चन्द्र पुरोहित -

(i)"दबिस्तान-ए-सियासत"(अंक तीन)


व्यंग्य



धारावाहिक उपन्यास


1. प्रबोध गोविल -

(i)पढ़ें प्रबोध गोविल का
 धारावाहिक उपन्यास 'अकाब'(अंक तीन)


संस्मरण


1. सुधा भार्गव -

(i)बाग बगीचे खेत-खलिहान

2. सुशील कुमार शर्मा -

(i)वो छड़ी

.....संस्मरण

3. विनीता चैल -

(i)'माँ आमि तोमाय भालोबासी '

आलेख

1. डाॅ. दयाराम -

(i)निशान्त कृत ‘बात तो है जब’
 की वैचारिक पृष्ठभूमि


2. कृष्ण कुमार यादव -

(i)‘फादर्स-डे‘(17 जून) पर विशेष
 पितृसत्तात्मक समाज में 'फादर्स डे' की अवधारणा


3. सुशील कुमार शर्मा -

(i)पर्यावरण पर चिंतन के
 साथ आचरण जरुरी


4. तारकेश कुमार ओझा -

(i)योग उपवास के बाद
 अब पुशअप....!!


अनूदित साहित्य


1.डॉ०अनिल चड्डा
-

(...गतांक से)डॉ० रिक लिंडल द्वारा
रचित अंग्रेजी पुस्तक
'The Purpose' का
डॉ० अनिल चड्डा
द्वारा हिंदी अनुवाद
- पढ़ें "अध्याय 7"[क्रोध]


2. डॉ. रजनीकांत शाह
-

(i)गुजरती कहानी 'खेमी'
 का हिंदी अनुवाद


पुस्तकें
1.डॉ०अनिल चड्डा

होनहार हैं हम बच्चे:
भविष्य की धरोहर हम बच्चे
(बच्चों की कवितायेँ)







मन की बातें जग भी जाने

कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात
(कविता संग्रह)


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